भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गुरुवार को लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। इसमें 184 उम्मीदवारों का नाम है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार भी वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को गांधीनगर से उतारा गया है। 

वहीं पूर्वोत्तर के राज्य असम की 14 लोकसभा सीटों में से बीजेपी ने आठ सीटों पर अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं। असम की करीमगंज सीट से कृपानाथ मल्ला, सिलचर से राजदीप रॉय, ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक से हीरेन सिंह, गुवाहाटी से क्वीन ओझा, मंगलदोई से दिलीप सैकिया, जोरहाट से तपन गोगोई, डिब्रूगढ़ से रामेश्वर तेली और लखीमपुर से प्रदन बरुआ को टिकट दिया गया है। अरुणाचल प्रदेश वेस्ट सीट से तपीर गाओ और अरुणाचल ईस्ट से किरण रिजीजू को मैदान में उतारा गया है। इनर मणिपुर से केके रंजन सिंह और आउटर मणिपुर से सोखोपाओ माते को टिकट मिला है। वहीं मिजोरम से निरुपम चकमा और सिक्किम से लतेन टीशेरिंग शेरपा को मौका दिया गया। 

बीजेपी ने वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी की गांधीनगर सीट से अमित शाह को उतारकर एक तीर से दो शिकार करने वाला फैसला लिया है। इस सीट पर आडवाणी बीते तीन दशक से प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अमित शाह को गांधीनगर भेजकर बीजेपी ने लालकृष्ण आडवाणी की सीट पर उन्हें हटाकर कोई कमजोर व्यक्ति देने की बजाय अपने अध्यक्ष को भेजा है। हालांकि आडवाणी का मन चुनाव में उतरने का था, लेकिन बीजेपी ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें हटने के लिए राजी किया। बीजेपी ने आडवाणी के अलावा कई अन्य सीनियर नेताओं को भी चुनाव मैदान से बाहर करने का फैसला लिया है। इनमें शांता कुमार, भगत सिंह कोश्यारी और मुरली मनोहर जोशी जैसे नेता शामिल हैं। अभी मुरली मनोहर जोशी की कानपुर सीट से कैंडिडेट का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन कहा जा रहा है कि वह उम्मीदवारी से हटने पर सहमति जता चुके हैं।