धोती-कुर्ता और असमिया गमोछा के साथ मेखला चादर की मांग अचानक बढ़ गई है। दुकानों पर नेताओं की भीड़ देखी जा रही है। इतना ही नहीं नई दिल्ली से भी परंपरागत असमिया वस्त्र खरीद कर रखने का आग्रह किया जा रहा है।


दरअसल, असम प्रदेश भाजपा ने अपने नेताओं के लिए फरमान जारी कर दिया है कि वे पार्टी कार्यकारिणी की बैठक के लिए परंपरागत असमिया वस्त्र खरीद लें। जिसके बाद से पार्टी नेता सब कामकाज छोड़ कर वस्त्रों के चयन में लग गए हैं।

आगामी 5 और 6 अक्टूबर को सत्र नगरी माजुली में होने जा रही प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में सभी नेता असमिया वस्त्र में ही माजुली पहुंचेंगे। अत्याधुनिक वस्त्र पहन कर पार्टी की बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। ये नियम बैठक में भाग लेने आ रहे राष्ट्रीय नेताओं के ऊपर भी लागू होंगे।


पार्टी नेताओं ने बताया कि माजुली की दो दिवसीय बैठक में प्रदेश भर से करीब 500 नेता और कार्यकर्ता पहुंचेंगे और जब सभी एक वेश-भूषा में होंगे तो उसका एक संदेश निश्चित रूप से देश-दुनिया के सामने जाएगा। उन्होंने बताया कि माजुली में बैठक के आयोजन के कई उद्देश्य हैं, जिसमें एक यह भी है कि विश्व के सबसे बड़े नदी द्वीप की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित करना और यहां की परंपराओं से अवगत कराना।


नेताओं ने बताया कि बैठक में दूसरे राज्यों के नेता भी शामिल होंगे और सभी कार्यकर्ता बैठक के बाद सत्रों में जाकर नाम कीर्तन करेंगे और इस तरह का प्रयास होगा कि राष्ट्रीय मीडिया को माजुली की परंपरा और संस्कृति से अवगत कराया जाए।