लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जनवरी 2019 में पार्टी की ब्रिगेड रैली से पहले राज्य की तीन जगहों से शुरु होने वाली रथ यात्रा के जरिए प्रदेश भाजपा असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) का समर्थन जुटाने की रणनीति बनाई है। इसके साथ ही पार्टी प्रस्तावित नागरिकता संशोधन बिल के समर्थन में जनमत तैयार करेगी।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि रथ यात्रा का लक्ष्य असम में एनआरसी और प्रस्तावित नागरिकता बिल के लिए जनसमर्थन हासिल करना निर्धारित किया गया है। वे कोलकाता के एल्गिन रोड स्थित पार्टी नेता मुकुल राय के आवास पर पार्टी के पदाधिकारियों की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। बैठक में प्रदेश भाजपा के नेताओं के साथ राष्ट्रीय महासचिव और बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) श्रीप्रकाश, सह बंगा प्रभारी अरविन्द मेनन, राहुल सिन्हा और मुकुल राय उपस्थित थे। 

सूत्रों ने बताया कि बैठक में रथ यात्रा के जरिए एनआरसी और प्रस्तावित नागरिकता संशोधन बिल के पक्ष में जनमत तैयार करने के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया। दिलीप घोष ने पार्टी नेताओं से दोनों मुद्दों को ले कर जनजन तक जाने का आग्रह किया और कहा कि इनके जरिए तृणमूल कांग्रेस के झूठ का मुकाबला किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार रथ यात्रा के दौरान पार्टी केन्द्र की मोदी सरकार की उपलब्धियों के प्रचार के साथ ही राज्य और संसदीय क्षेत्र स्तर के सुनिश्चित मुद्दे भी उठाएगी। लेकिन एनआरसी और नागरिकता संशोधन बिल को प्राथमिकता दी जाएगी।

एनआरसी के तहत उन भारतीयों के नाम दर्ज किया जा रहे हैं, जो 25 मार्च 1971 से असम में रह रहे हैं। नागरिकता संशोधन बिल 2016 नागरिकता कानून 1955 में संशोधन करने का प्रस्ताव है, जिसे केन्द्र की मोदी सरकार ने लोकसभा में पेश किया था। लेेकिन राज्यसभा में अभी पास नहीं हो पाया है। उक्त प्रस्तावित संशोधित बिल में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले छह अल्पसंख्यक समुदाय हिन्दू, सिख, बौध, जैन, पारसी और इसाईयों को छह साल भारत में रहने के बाद बिना किसी दस्तावेज के भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है।