उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में बीजेपी ने पूर्व आईएएस अधिकारी एके शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। शर्मा कल ही लखनऊ में बीजेपी में शामिल हुए हैं। शर्मा को प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने शामिल करवाया और उस दौरान सूबे के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी मौजूद थे।

नौकरी में दो साल बचे होने के बावजूद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले अरविंद कुमार शर्मा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं। उत्तर प्रदेश में विधानपरिषद के 12 सीटों के लिए चुनाव होना है, जिसमे पूर्व नौकरशाह एके शर्मा को बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। इसके साथ ही कयास यह भी है कि उन्हें उत्तर प्रदेश में होने वाले कैबिनेट विस्तार में मंत्रिमंडल में भी जगह दी जाएगी। बता दें कि एके शर्मा मूलरूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के काझाखुर्द गांव के रहने वाले हैं। 58 वर्षीय शर्मा की प्रारंभिक शिक्षा गांव से ही हुई उसके बाद 12वीं तक कि पढ़ाई उन्होंने डीएवी इंटर कॉलेज से की। स्नातक व राजनीति शास्त्र में परास्नातक इलाहाबाद विश्वविद्यालय से किया और उसके बाद उनका चयन 1988 में भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए हो गया, जहां पर उनको गुजरात कैडर दिया गया।

गुजरात कैडर के IAS अधिकारी रहे एके शर्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफी करीबी माने जाते हैं। वो पीएम मोदी के साथ 2001 में तब से हैं जब उन्होंने गुजरात के सीएम पद की शपथ ली थी। वो गुजरात में सीएम कार्यालय के सचिव के बाद सीएम के अतिरिक्त प्रमुख सचिव भी रहे हैं। शर्मा ने गुजरात में होने वाले निवेशकों के सम्मेलन वाइब्रेंट गुजरात के आयोजन का दायित्व भी संभाला है। 2014 में गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी जब पीएम बन कर दिल्ली आए तो शर्मा भी पीएम कार्यालय में संयुक्त सचिव के रूप में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली आए। स्वैछिक सेवानिवृत्ति लेते वक्त वो MSME मंत्रालय में सचिव पद पर कार्यरत थे।