अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर तालिबान के कब्जे से पहले ही वहां के राष्ट्रपति अशरफ गनी देश से भाग गए और अब पता लगा है कि उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई में शरण ली है। भारत ने हमेशा से तालिबान का विरोध किया है। 

इसीलिए अब तालिबान और भारत के रिश्ते के भविष्य को लेकर कई तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने अलग ही राग छेड़ दिया है। लंबे समय से बीजेपी से नाराज चल रहे स्वामी ने कहा है कि भारत को अशरफ गनी को शरण देनी चाहिए। 

सुब्रमण्यन स्वामी ने गुरुवार को ट्वीट किया, 'भारत को अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अशरफ गनी को अपने यहां रहने के लिए आमंत्रण देना चाहिए। वह अपेक्षाकृत उच्च शिक्षित हैं और जब तालिबान अमेरिका के बनाए आधुनिक हथियारों के साथ पाक अधिकृत कश्मीर में घुसपैठ करेगा, तो वह भारत को भविष्य की प्रवासी अफघान सरकार बनाने में मदद कर सकते हैं।'

बता दें कि यह पहली बार नहीं जब तालिबान को लेकर सुब्रमण्यन स्वामी ने कुछ कहा हो। दो-तीन दिन पहले ही सुब्रमण्यन स्वामी ने भारत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि पहले लद्दाख में भारत चीन के आगे कमजोर पड़ा और अब वह तालिबान के आगे कमजोर पड़ता दिख रहा है। यह हमारी राष्ट्रीय छवि के लिए नुकसानदेह है।

उन्होंने इससे पहले एक अन्य ट्वीट में यह भी कहा था कि तालिबान, पाकिस्तान और चीन मिलकर भारत पर हमला कर सकते हैं।