पिछले साल जुलाई से चला आ रहा भाजपा का सदस्यता अभियान 20 अगस्त को औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। इस अभियान के दौरान पार्टी में लगभग तीन करोड़ से ज्यादा नए सदस्य जोड़े हैं। इस दौरान पार्टी ने असम में 16,94,051 सदस्य जोड़े, जिसके चलते असम में भाजपा के टोटल सदस्यों की संख्या 40 लाख के पार हो गई, जो की राज्य की जनसंख्या का 12% है। असम में पार्टी ने अब किसी अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं।

बीजेपी की असम इकाई के अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने कहा, बोडोलैंड क्षेत्रों को छोड़कर अन्य राजनीतिक दलों के नए सदस्यों की पार्टी में भर्ती बंद कर दी गई है। दास ने कहा कि जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यकर्ता संगठनात्मक चुनावों के दौरान कोई व्यवधान नहीं चाहते थे। दास का बयान भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं की आशंकाओं को दूर करने के लिए लगता है, जो पार्टी में शामिल होने वाले कांग्रेस नेताओं से नाराज हैं।

दशकों से असम में पार्टी के लिए काम करने वाले भाजपा के कई दिग्गज नेता अब असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, क्योंकि राज्यसभा सांसद भुवनेश्वर कलिता, शांतियिस कुजूर और कांग्रेस के पूर्व मंत्री गौतम रॉय सभी भाजपा में शामिल हो गए हैं। दास ने कहा कि भाजपा के दरवाजे संस्कृति, शिक्षा, उद्योग, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए खुले थे। उन्होंने कहा कि कुल 17 लाख लोगों ने हाल ही में पार्टी की सदस्यता ली है और जहां तक ​​सदस्यता संख्या का संबंध है असम अन्य राज्यों से आगे है।