असम में एनआरसी जारी होने के बाद अब अन्य राज्यों में भी इसी प्रक्रिया को लागू करने की मांग उठने लगी है। इसी कड़ी में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि असम की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) बनाकर सूबे से घुसपैठियों को खदेड़ने का अभियान शुरू किया जाना चाहिए।विजयवर्गीय ने कहा कि यह मेरा निजी मत है कि प्रदेश में एनआरसी बनाया जाना चाहिये और घुसपैठियों को बाहर निकाला जाना चाहिए, इस विषय को सूबे में साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के घोषणापत्र में भी शामिल किया जाना चाहिए।

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुझे इंदौर के एक मुस्लिम युवक ने बताया कि शहर की एक बस्ती में चार-पांच हजार बांग्लादेशी रहते हैं जो मकान बनाने जैसे काम करते हैं। मैं इस बारे में जांच के लिए शहर के आला अधिकारियों से चर्चा करूंगा। भाजपा महासचिव ने कहा कि देश में अवैध तौर पर प्रवास कर रहे लोगों के कारण रोजगार के अवसरों और संसाधनों पर अनावश्यक दबाव पड़ रहा है। देश की आंतरिक सुरक्षा के सामने गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने दावा किया कि अकेले पश्चिम बंगाल में करीब दो करोड़ बांग्लादेशी अवैध तौर पर प्रवास कर रहे हैं।

भाजपा महासचिव ने आरोप लगाया कि देश में अवैध तौर पर प्रवास कर रहे कई लोग नकली नोटों और अवैध हथियारों की तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियों के साथ आतंकी वारदातों में भी शामिल हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि एनआरसी का मसला हिंदू-मुसलमान का नहीं, बल्कि देश के मूल निवासियों के बुनियादी अधिकारों के हनन का मामला है। कांग्रेस को देश की नहीं, बल्कि अपने वोट बैंक की चिंता है। भाजपा महासचिव ने कहा, जो पार्टियां एनआरसी के पक्ष में खड़ी नहीं हो रही हैं, मैं उन्हें देशद्रोही तो नहीं कहूंगा, लेकिन मैं इन दलों को देश के प्रति गैर जवाबदार जरूर कहूंगा।