भाजपा प्रवक्ता तथा असम अल्पसंख्यक विकास बोर्ड के अध्यक्ष मुमिनुल अवाल और आसू महासचिव लुरिन ज्योति गोगोई के बीच वाकयुद्ध लगातार बढ़ता जा रहा है।  भाजपा नेता ने पलटवार करते हुए पूछा है कि एनआरसी से लाखों-लाख हिंदुओं जिसमें कार्बी और राभा जैसे स्थानीय मूल के लोग शामिल हैं, का नाम छूटने  को लेकर आसू की चुप्पी का रहस्य आखिर क्या है?
भाजपा प्रवक्ता ने लुरिन ज्योति गोगोई को आम्सू का प्रवक्ता या आम्सू के सलाहकार अजीजुर्र रहमान का मीडिया सलाहकार बताते हुए कहा है कि लुरिन वही बात बोल रहे हैं जो बांग्लेदेशी मूल के मुसलमान बोल रहे हैं। अवाल ने उनके बारे में पूरी जानकारी आसू सलाहकार समुज्जवल भट्टाचार्या से लेने की सलाह आसू महासचिव को दी।


उन्होंने कहा कि उन्होंने 25 साल पहले आसू से विदाई ली थी और उस समय भी वे बांग्लादेशी मूल के मुसलमान उनके खिलाफ गलत आरोप गढ़ते रहते है और वही आरोप लुरिन ज्योति लगा रहे हैं, जिसका सीधा मतलब निकलता है कि आसू महासचिव बांग्लादेशी मुसलमानों के प्रवक्ता बन बैठे हैं।


भाजपा नेता के एनआरसी से हिन्दुओं के नाम कटने पर आसू की चुप्पी को गुप्त समझौता करार देते हुए कहा है कि आसू के वर्तमान नेतृत्व की अकर्मण्यता के कारण बांग्लादेशी नागरिकों का नाम एनआरसी में शामिल हो गया है।