चंडीगढ़। हरियाणा से भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के कृष्ण लाल पंवार और निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा चुनाव जीत कर राज्यसभा पहुंचे गये हैं जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन को हार का सामना करना पड़ा। शुक्रवार-शनिवार आधी रात के बाद तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच कार्तिकेय ने कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय माकन को इस चुनाव हरा दिया। 

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राज्य की ये दो सीटें भाजपा के दुष्यंत गौतम और निर्दलीय सुभाष चंद्रा का कार्यकाल समाप्त होने के कारण रिक्त हुईं थीं। शुक्रवार को सायं चार बजे दोनों सीटों के लिये मतदान समाप्त होने के घंटे के बाद यानि पांच बजे मतगणना शुरू होनी थी लेकिन राज्य में भाजपा के साथ सत्ता में भागीदार जननायक जनता पार्टी(जजपा) नेताओं और कार्तिकेय ने कांग्रेस की किरण चौधरी और बी.बी. बत्रा की मतदान प्रक्रिया पर ही सवाल उठाते हुये चुनाव आयोग से इनके मत रद्द करने की मांग कर दी।

इन नेताओं ने विधानसभा सचिव और मतदान अधिकारी आर.के. नांदल की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुये उन पर कांग्रेस के लिये काम करने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा और जजपा कार्तिकेय के समर्थन में जबकि कांग्रेस भी अपने दोनों सदस्यों के मत अवैध करार देने को चुनौती देते हुये चुनाव आयोग पहुंची। भाजपा-जजपा की श्री नांदल की निष्पक्षता को लेकर की गई शिकायत पर आयोग ने समूची मतदान प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग मंगा ली।

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जांच के बाद आयोग ने कांग्रेस के दोनों सदस्यों के मतों को वैध करार दे दिया जिससे कांग्रेस खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। आयोग ने रात करीब एक बजे मतणना की अनुमति दी जो लगभग करीब ढाई बजे तक चली। पंवार का जीतना तो तय ही था लेकिन कार्तिकेय का माकन को हरा देना एकदम अप्रत्याशित रहा। कार्तिकेय पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता रहे विनोद शर्मा के पुत्र हैं। 

इस चुनाव में कुल 90 में से 89 मत पड़े। पंवार को जीत के लिये 31 तथा कांग्रेस के माकन को 30 चाहिये थे। कांग्रेस का एक मत रद्द हुआ तो उसके मत 29 ही रह गये। कार्तिकेय को 28 मत मिले लेकिन वैध मत की संख्या 88 होने के बाद पंवार का पहली प्राथमिकता के 1.66 प्रतिशत मत कार्तिकेय को मिलने से उनके मत 29 से ज्यादा होने पर वह चुनाव जीत गये। कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस के निर्देशों से हट कर कार्तिकेय के पक्ष में मतदान किया। इंडियन नेशनल लोकदल विधायक अभय चौटाला भी कार्तिकेय के पक्ष में मतदान करने का ऐलान किया था। निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने इस चुनाव में विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाते हुये मतदान नहीं किया।