देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों से पहले ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों  में फेरबदल कर रही है। साथ ही बीजेपी संगठनात्मक स्तर पर भी बड़े फेरबदल कर रही है। बता दें कि हाल ही में बीजेपी ने एक महीने पहले ही बिहार बीजेपी में संयुक्त सचिव रत्नाकर को पार्टी ने गुजरात इकाई का महासचिव बनाया है। इसी के साथ गुजरात में सीएम के पद से वियज रुपाणी को हटा कर भूपेंद्र पटेल को सीएम घोषित कर दिया है जो कि आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं।

बीजेपी के इस बड़े फेरबदल में सबसे खास बात ये है कि उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या का इस्तीफा भी अहम है। बेबी रानी एक दलित नेता हैं जो आगरा की मेयर भी रह चुकी हैं। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी उन्हें उत्तर प्रदेश में अहम जिम्मेदारी दे सकती है। बीजेपी संगठन में बीते साल नवंबर माह में बड़े फेरबदल हुए थे। इसी के साथ राधा मोहन सिंह को यूपी का प्रभारी बनाया गया, भूपेंद्र यादव को गुजरात और अरुण सिंह को कर्नाटक का जिम्मा दिया गया।
बीजेपी नए चेहरों को नया मौका दे रही है ताकी ताकत को और मजबूत किया जा सकें। भाजपा ने प्रभारी के पदों पर कुछ नए चेहरे शामिल किए हैं।
इनमें गोवा के सीटी रवि
उत्तराखंड और पंजाब के दुष्यंत गौतम
त्रिपुरा के विनोद सोनकर
हिमाचल प्रदेश के अविनाश राय खन्ना
मणिपुर के संबित पात्रा
भूपेंद्र यादव को गुजरात का सह-प्रभारी
सुधीर गुप्ता को उत्तर प्रदेश के कानपुर क्षेत्र में इलेक्शन इंचार्ज की जिम्मेदारी भी दी गई है।
उत्तर प्रदेश में राधा मोहन सिंह के अंतर्गत सत्य कुमार, सुनील ओझा और संजीव चौरसिया को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। बता दें कि सत्य कुमार को तो हर उस चुनावी राज्य में नियुक्त किया जाता है जहां जंग मुश्किल मानी जाती है।