मेघालय की 59 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग हो रही है। एनसीपी के उम्मीदवार जोनाथन संगमा की उग्रवादी हमले में मौत से एक सीट पर चुनाव टाल दिया गया है। मेघालय में 32 महिलाओं सहित कुल 370 उम्मीदवार हैं। राज्य में 18.4 लाख वोटर हैं। मेघालय में 10 साल से कांग्रेस की सरकार है। इस बार उसे भाजपा और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) से कड़ी चुनौती मिल रही है।

कांग्रेस 58 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। भाजपा राज्य में पिछले 25 साल और पांच विधानसभा चुनाओं से अपने उम्मीदवार उतार रही है। इस चुनाव में पहली बार पार्टी ने सबसे ज्यादा 47 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इन पांच चुनावों में सिर्फ तीन बार पार्टी का खाता खुला है। अब तक विधानसभा चुनाव लड़े 80 फीसदी भाजपा उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो चुकी है। 2013 में भाजपा ने 13 सीट पर चुनाव लड़ा था। सभी सीटों पर उसके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। भाजपा ने 2003 में सबसे ज्यादा 28 सीटों पर चुनाव लड़ा था और दो सीटें जीती थीं।


भाजपा की ओर से 100 से ज्यादा नेताओं ने किया प्रचार
पूर्वोत्तर में सिर्फ मेघालय व मिजोरम में कांग्रेस की सरकार है। ये दोनों ईसाई बहुल राज्य हैं। मेघालय में भाजपा ने पूरा जोर लगा दिया है। पीएम मोदी, अध्यक्ष अमित शाह और केंद्र के 2 दर्जन मंत्रियों सहित 100 से ज्यादा नेताओं ने पार्टी के लिए राज्य में प्रचार किया है। कांग्रेस ने बीफ व चर्च का मुद्दा उठाया, तो भाजपा ने कांग्रेस के भ्रष्टाचार पर हमला बोला।


कांग्रेस-भाजपा और एनपीपी के बीच कांटे की टक्कर
मेघालय में कांग्रेस, भाजपा और एनपीपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। एनपीपी पहली बार राज्य में 57 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। यहां भाजपा, एनपीपी से दूर, पर मणिपुर में भाजपा सरकार एनपीपी के सहारे ही है। एनपीपी, भाजपा के नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलाएंस का हिस्सा भी है। इसलिए कांग्रेस एनपीपी को भाजपा की बी टीम बता रही है।