पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के मुताबिक भाजपा असमिया जाती को विध्वंस करने पर आमदा है, इसलिए उसने एनआरसी पर दोमुही नीति अपना रखी है । पश्चिम बंगाल में उसके नेता कुछ कह रहे हैं और असम में कुछ अन्य।

उन्होंने कहा कि एनआरसी और नागरिकता कानून संशोधन विधेयक में तेल और पानी जैसा अंतर है । लेकिन भाजपा इसमें घालमेल करने पर जुटी है। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और वित्त मंत्री हिमंत विश्व शर्मा इस पर नई नवेली दुल्हन की तरह मौन साधे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर अाधारित फिल्म देखने के लिए विद्यार्थी को बाध्य करने के प्रसंग को उन्होंने हास्यास्पद बताया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक लोकतांत्रिक देश है। यहां किसी को भी इस तरह से बाध्य नहीं किया जा सकता। प्रदेश सरकार की एेसी कोशिश सही नहीं है।

उन्होंने रेल राज्य मंत्री राजेन गोहाई पर लगे आरोप को लेकर भी उन्होंने प्रतिक्रिया व्यक्त कि और कहा कि विगत 2 अगस्त कि हुई घटना कि आज तक  इसकी जांच भी नहीं हुर्इ और ना ही पुलिस ने गोहाई से पूछताछ की ।