लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पार्टियों में घमासान चल रही है। 25 मार्च तक तो टिकट की राजनीति हो रही थी जिसमें किसी का खाता खुला तो किसी का नहीं। इसी कड़ी में असम के स्वास्थ्य एवं वित्त मंत्री हिमंत विश्व शर्मा, जो कि असम में बीजेपी के चाणक्य माने जाते हैं और सबसे कद्दवार नेताओं की गिनती में आते हैं, इस बार बीजेपी ने उनका किसी भी सीट से टिकट नहीं दिया है।

 
हेमंता को टिकट नहीं दिए जाने पर असम में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने सार्वजनिक रूप से घोषित कर दिया था कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य के वित्त मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा को लोकसभा का चुनाव लड़ाने का फैसला किया था और वे अपनी पसंद की कोई भी सीट चुन सकते थे| दास ने कहा कि मैंने केंद्रीय नेतृत्व को बता दिया था कि उन्हें केवल असम से लड़ना चाहिए।
सरमा, जो पूर्वोत्तर में गैर-कांग्रेस पार्टियों के साझा संगठन नार्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस (एनईडीए) के संयोजक भी हैं, कई बार लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके थे। उनके लिए तेजपुर की सीट चिन्हित भी कर ली गई थी लेकिन आरपी शर्मा के नाराज होने और भाजपा छोड़ने पर शर्मा को टिकट नहीं दिया गया। 
हालांकि मोदी और शाह ने सरमा को सभी राज्यों में चुनाव प्रचार पर नजर रखने के लिए कहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन राज्यों में लोकसभा की कुल 25 सीटें हैं। हालांकि सरमा को टिकट नहीं दिया गया है लेकिन पार्टी नेतृत्व ने लोकसभा सीटों और अरुणाचल विधानसभा के लिए उनके सुझाए गए सभी उम्मीदवार स्वीकार कर लिए हैं।