पूर्वोत्तर राज्यों में बीफ के मुद्दे पर भाजपा नेताओं के बीच असंतोष की खबरों के बीच पार्टी के एक शीर्ष नेता ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी का राज्य सरकारों द्वारा आहार प्रतिबंध लगाने का कोई इरादा नहीं है। हम असम में सत्ता में हैं और लोग दिन-प्रतिदिन जीवन में गोमांस खा रहे हैं। प्रतिबंध कहां है? किसी भी प्रतिबंध को लागू करने के लिए राज्य सरकार का कोई इरादा नहीं है।

भाजपा की अगुवाई वाले पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन संयोजक हिमंत विश्व शर्मा ने कहा, 'हमने अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में ऐसा नहीं किया है और हम दोनों राज्यों में भी सरकार में हैं।' 

एनईडीपी पूर्वोत्तर राज्यों में भाजपा और कई क्षेत्रीय राजनीतिक दलों का समूह है। असम सरकार में शर्मा खुद एक मंत्री हैं।

बता दें कि बाजारों पशु वध के लिए मवेशियों की बिक्री और खरीद पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र की अधिसूचना के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा पर हमला किया है।

मेघालय में कुछ भाजपा नेताओं ने अगले साल होने वाले चुनाव में पार्टी से बाहर निकलते हुए आरोप लगाया केंद्र प्रदेश में पशु वध पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर रहा है।

शर्मा ने दावा किया कि इस मुद्दे पर जनता के बीच कोई महत्व नहीं है और इस विषय में इन राज्यों की तुलना में दिल्ली में ज्यादा बात की जा रही है।

अधिसूचना मवेशी व्यापार को रेगुलेट करने के बारे में है, जो हमेशा से रेगुलेट नहीं रहा है। उन्होंने कहा, 'पार्टी छोड़ने वाले दो नेताओं ने राजनीतिक कारणों से ऐसा किया है, क्योंकि पार्टी उन पदों पर विचार नहीं कर रही थी, जिन्हें वे चाहते थे।

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने ऐसा देखा है कि पूर्वोत्तर में एकमात्र मुद्दा गोमांस है जैसे कि लोग यहां सुबह से रात तक बीफ़ खा रहे हैं और कोई अन्य चीज नहीं है। 

इस क्षेत्र में बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन का मुख्य विपक्ष कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को उठाकर क्षेत्र पर बहुत नकारात्मक प्रभाव बना दिया है। कांग्रेस बीफ खाने को लोकप्रिय बनाने की कोशिश कर रही है।