राज्य में बाढ़ की दस्तक पड़ते ही मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक की और राज्य के सभी जिला उपायुक्तों को बाढ़ संबंधित विषय पर तत्काल संपर्क बनाए रखने के लिए एक नए नाॅडल अधिकारी को दायित्व सौंपने का निर्देश दिया। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पिछले साल आई बाढ़ में 29 जगह तटबंध टूटे थे, जिनमें 28 की मरम्मत हो चुकी है।


इसके अलावा गुवाहाटी में कृत्रिम बाढ़ से निजात दिलाने के लिए 38 पंप मौजूद रखे गए हैं। बैठक में विभाग के अन्य परियोजनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में जल संसाधन मंत्री केशव महंत, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ऋषिकेश गोस्वामी, कानून सलाहकार शांतनु भराली, ब्रह्मपुत्र बोर्ड के अध्यक्ष राजीव यादव, जल संसाधन, वित्त राजस्व और आपदा प्रबंधन इत्यादि विभागों के शीर्ष आधिकारी भी उपस्थित थे। 

आप को बता दे की राज्य के विकास में बाढ़ की वजह से किए गए काम भी नष्ट हो जाते थे जिसे सरकार को दोबारा कराना पड़ता था जिससे सरकार के राजस्व की हानी होती थी । और कुछ काम बाढ़ और तेज बारिश के कारण रुक जाया करते थे जिससे सरकार निपटने के लिए कमर कस रही है।