बीजेपी ने दूसरे राउंड के लिए 46 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। अब सबकी नजरें 3 नवंबर को राउंड 2 पर है। इस राउंड में 94 सीटों के लिए वोटिंग होगी। बीजेपी ने दूसरे राउंड के लिए 46 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। बीजेपी ने दूसरे राउंड के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

हर सीट के लिए खास रणनीति के साथ देश भर से 45 सांसदों को कैम्पेन की कमान सौंपी गई है। इनमें केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, मध्य प्रदेश बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष राकेश सिंह और दक्षिण दिल्ली से सांसद रमेश बिधूड़ी शामिल हैं।इन सभी बीजेपी सांसदों को बिहार में अलग-अलग ज़िलों और विधानसभा सीटों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। इनका काम मंडल स्तर पर बूथ लेवल पर पार्टी कार्यकर्ताओं में समन्वय स्थापित करना है।यें सभी सांसद ‘सप्तऋषि  कमेटियों की बैठकें कर रहे हैं। सभी सांसद बैठक में इस बात पर ज़ोर दें रहें हैं कि सभी सप्तऋषि मतदाताओं के द्वार द्वार पहुंचने पर फ़ोकस करें। साथ ही उन तक केंद्र सरकार और बिहार सरकार की विकास और गरीबों के कल्याण के लिए लाई गईं योजनाओं की जानकारी दें। ये सांसद इन कमेटियों के सदस्यों पर इस बात के लिए भी जोर दे रहे हैं कि अगर क्षेत्र में पार्टी या एनडीए के किसी बड़े नेता की सभा हो तो उन्हें सुनने के लिए लोगों को प्रेरित करें।  साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि वोटिंग के दिन से पहले ही मतदाताओं के घर पर वोटिंग स्लिप पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। पार्टी के सांसदों की ओर से बूथ लेवल पर कार्यकर्ताओं को आगाह किया जा रहा है कि 3 नवम्बर को मतदान के लिए वोटिंग लिस्ट के मुताबिक सभी वोटरों को समय से पोलिंग बूथ तक लाने की जिम्मेदारी उनकी है।बिहार में बीजेपी ने बूथ लेवल पर ‘सप्तऋषि कमेटियां’ बनाई हैं। इनमें कमेटी का एक इंचार्ज, एक सह इंचार्ज के अलावा महिला सदस्य हैं। साथ ही एससी, ओबीसी, युवा और सोशल मीडिया की जानकारी रखने वाले सदस्य भी इसमें रखे गए हैं। इन कमेटियों के सदस्यों पर आम मतदाताओं के अलावा अपने सगे संबंधियों, जानकार और मित्रों से मिलकर अपने उम्मीदवार को वोट देने की अपील करने के लिए कहा गया है।बिहार कैम्पेन के लिए उतारे गए पार्टी सांसदों के ऊपर एक और अहम जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। ये सभी सांसद नाराज़ नेताओ और कार्यकर्ताओं से मिलकर उनकी  शिकायतों और समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करेंगे। इसके अलावा एनडीए में सहयोगी जेडीयू के साथ तालमेल का जिम्मा भी इन सांसदों पर है। इसके लिए बीजेपी और जेडीयू मंडल स्तर के नेताओं की समन्वय बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इन बैठकों में स्पष्ट किया जा रहा है कि क्या-क्या किसकी ज़िम्मेदारी रहेंगी और कैसे मतदाताओं के बीच दोनों पार्टियों के एक यूनिट की तरह काम करने का संदेश जाए।