उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जाट समुदाय से एक बार फिर समर्थन हासिल करने की कोशिश में जुटी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने समाजवादी पार्टी (सपा) गठबंधन में शामिल राष्ट्रीय लोकदल को साथ आने का ऑफर दे दिया है। बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा है कि जयंत चौधरी गलत रास्ते पर चले गए हैं और बीजेपी ने उनके लिए अपने दरवाजे अब भी खुले रखे हैं। वहीं, जयंत चौधरी ने बीजेपी के ऑफर को ठुकराते हुए कहा है कि उनकी बजाय बीजेपी को उन 700 किसान परिवारों का न्योता देना चाहिए, जिनके घर उजड़ गए।

प्रवेश वर्मा ने कहा, ''यह तय है कि बीजेपी की सरकार बनेगी। जयंत चौधरी ने गलत रास्ता चुना है। यहां के समाज के लोग उनसे बात करेंगे समझाएंगे, इलेक्शन के बाद संभावनाएं खुली रहती है, हमारा दरवाजा आपके लिए खुला है और किसी संभावना से मना नहीं किया जा सकता है।'' क्या जयंत उनके संपर्क में हैं इसके जवाब में बीजेपी सांसद ने कहा, ''चुनाव के बाद देखेंगे क्या संभावना बनती है। हम तो चाहते थे कि हमारे घर में आएं, लेकिन उन्होंने कोई दूसरा घर चुना है।'' यह पूछे जाने पर कि क्या अभी देर नहीं हुआ है तो प्रवेश ने नहीं में जवाब दिया।

बीजेपी की ओर से आए ऑफर का जवाब देने में जयंत ने भी देर नहीं की। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ''न्योता मुझे नहीं, उन +700 किसान परिवारों को दो जिनके घर आपने उजाड़ दिए!!'' जयंत का इशारा उन किसान परिवारों की ओर है जिनके अपने किसान आंदोलन के दौरान मारे गए। जयंत चौधरी की अगुआई वाली पार्टी रालोद ने इस बार समाजवादी पार्टी से गठबंधन किया है।

3 कृषि कानूनों को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीजेपी के खिलाफ उपजी नाराजगी को दूर करने के लिए  वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट नेताओं से बात की। दिल्ली से भाजपा के सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा के आवास पर यह बातचीत हुई जिसे ''सामाजिक भाईचारा बैठक'' का नाम दिया गया। इसी दौरान प्रवेश वर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरएलडी को ऑफर दिया। 

बैठक में जाट समुदाय के करीब 250 से अधिक प्रबुद्ध वर्ग के लोग और अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभुत्व रखने वाले नेताओं के अलावा भाजपा के उत्तर प्रदेश के प्रभारी व केंद्रीय मंत्री धमेंद्र प्रधान और बागपत से सांसद सत्यपाल सिंह भी शामिल हुए। प्रवेश वर्मा ने पत्रकारों से चर्चा में दावा किया कि जाट नेताओं में भाजपा के प्रति जो नाराजगी थी, वह अब नहीं है। उत्तर प्रदेश में सात चरणों में मतदान होना है। पहले चरण में 10 फरवरी को 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान होगा। इसमें शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर जिले प्रमुख हैं।

दूसरे चरण में 14 फरवरी को नौ जिलों की 55 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इसमें सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली, अमरोहा, पीलीभीत प्रमुख जिले हैं। पहले दोनों चरणों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मतदान होगा। पिछले चुनावों में भाजपा ने इस इलाके में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन इस बार किसान आंदोलन की वजह से क्षेत्र के किसानों और जाट समुदाय में भाजपा के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली है।