पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने शनिवार को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। जहां एक ओर भाजपा ने दो चरणों के लिए 57 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है तो वहीं कांग्रेस ने 13 उम्मीदवारों के नामों की लिस्ट जारी की है। दोनों ही पार्टियों की यह पहली सूची है। भारतीय जनता पार्टी की पहली सूची के अनुसार शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगे।

गौरतलब है कि इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही अपनी उम्मीदवारी घोषित कर दी है। पार्टी महासचिव अरुण सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी अशोक डिंडा और पूर्व आईपीएस अधिकारी भारती घोष भी भाजपा की ओर से चुनाव लड़ने वालों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक सीट अपने सहयोगी दल एजेएसयू को दी है।

इसके साथ ही पार्टी ने 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में होने वाले चुनाव के पहले दो चरणों के लिए 60 में से तीन को छोड़कर बाकी सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है। सिंह ने कहा कि राज्य में “जंगल राज” की स्थिति है और मतदाताओं ने तृणमूल कांग्रेस को हराकर भाजपा को सत्ता में लाने का मन बना लिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में रविवार को एक जनसभा को संबोधित करेंगे। पश्चिम बंगाल में चुनाव की तारीखों की घोषणा होने के बाद उनकी यह पहली रैली होगी। नंदीग्राम में तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ आंदोलन ने 2011 में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने का मार्ग प्रशस्त किया था। नंदीग्राम में इस बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के पूर्व सहयोगी और अब भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा।

अधिकारी 2016 में इस सीट से विजयी हुए थे और हाल में भगवा पार्टी में शामिल होने से पहले उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। बनर्जी ने कोलकाता में अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट छोड़कर नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की घोषणा की है। वहीं कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 13 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। पार्टी उम्मीदवारों की सूची में पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता नेपाल महतो का नाम भी शामिल है जो अपनी वर्तमान सीट बाघमुंडी से चुनाव लड़ेंगे।

कांग्रेस पश्चिम बंगाल में वाम दलों और इंडियन सेक्युलर फ्रंट के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। गठबंधन में बनी सहमति के मुताबिक, कांग्रेस 2016 की तरह इस बार भी 92 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में मतदान होगा। राज्य में 27 मार्च, एक अप्रैल, छह अप्रैल, दस अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को अलग-अलग क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे।