महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत भाजपा के सहयोगी नागरिकता(संशोधन)बिल के खिलाफ वोट करने पर सहमत हो गए हैं। इन दलों का कहना है कि अगर राज्यसभा में बिल लाया गया तो वे इसके खिलाफ वोट करेंगे। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने एनडीए के अन्य घटक दलों से मुलाकात की और नागरिकता(संशोधन)बिल पर चर्चा की। 

संगमा पूर्वोत्तर क्षेत्र के अन्य दलों के नेताओं के साथ दिल्ली में हैं। संगमा ने एक बयान में कहा, उन्होंने(एनडीए के घटक दलों) तय किया है कि अगर नागरिकता(संशोधन)बिल राज्यसभा में लाया गया तो वे इसके खिलाफ वोट करेंगे। एनडीए के जिन घटक दलों ने बिल के खिलाफ वोट करने का आश्वासन दिया है उनमें शिवसेना, अकाली दल,जनता दल यूनाइटेड और लोकजनशक्ति पार्टी शामिल है। संगमा ने कहा कि सभी नेताओं को बिल के बारे में और पूर्वोत्तर क्षेत्र में पडऩे वाले इसके प्रभाव के बारे में बता दिया गया है। इसके बाद एनडीए के घटक दलों ने बिल का विरोध करने का आश्वासन दिया। 

मेघालय के मुख्यमंत्री उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं जिसमें प्रफुल्ल कुमार महंता और अतुल बोरा समेत असम गण परिषद के अन्य नेता शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल में नेशनल पीपुल्स पार्टी और यूडीपी का प्रतिनिधित्व मेघालय विधानसभा के स्पीकर व पार्टी अध्यक्ष डोन्कपुर रॉय ने किया। संगमा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल गैर एनडीए दलों के नेताओं से मुलाकात की भी कोशिश करेगा और बिल के खिलाफ समर्थन का अनुरोध करेगा। 

बकौल संगमा, नागरिकता(संशोधन)बिल के खिलाफ समर्थन को जुटाने के लिए देश भर के राजनीतिक दलों से मिलेंगे। प्रतिनिधिमंडल का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मिलने का कार्यक्रम है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेता मोदी और राजनाथ को बिल को राज्यसभा में नहीं लाने के लिए मनाएंगे। आपको बता दें कि नागरिकता(संशोधन)बिल 8 जनवरी को लोकसभा में पारित हो गया था। कहा जा रहा है कि मोदी सरकार संसद के बजट सत्र के दौरान बिल को राज्यसभा में पेश कर सकती है।