त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भगव लहर के आगे सीपीएम के दिग्गज ढेर होते दिख रहे हैं। ऐसा ही कुछ हाल बासुदेव मजूमदार का रहा है। बेलोनिया विधानसभा सीट पर मजूमदार का ही दबदबा रहा है। वे इस सीट से चार बार लगातार चुनाव जीत चुके थे, लेकिन इस बार भाजपा के उम्मीदवार अरुण चंद्र भौमिक ने उनके सपने को तोड़ दिया। भौमिक ने बासुदेब मजूमदार को 753 मतों से हराकर माकपा से ये सीट छीन ली है। गौरतलब है कि मजूमदार 1998 से बेलोनिया विधानसभा क्षेत्र से जीतते आ रहे हैं। 62 बर्षीय बासुदेव मजूमदार बेलोनिया के एक गांव रामठाकुर पारा के रहने वाले है। साल 1998 के विधानसभा चुनाव में मजूमदार ने कांग्रेस के अमल मलिक को 1857 वोटों से हराया था। इस चुनाव में मजूमदार को 12409 वोट मिले, वहीं मलिक को 10552 वोट मिले।

इसके बाद साल 2003 में मजूमदार ने मलिक को बड़े अंतर 5950 मतों से हराया था। इस चुनाव में इन्हें 15419 वोट मिले जबकि मलिक को 9469 वोट मिले। साल 2008 के विधानसभा चुनाव में इन्होंने कांग्रेस के अमल मलिक को बहुत ही कम अंतर 1319 वोटों से हराया था। इस चुनाव में मजूमदार को 15971 वोट मिले, वहीं मलिक को 14652 वोट मिले। साल 2013 के चुनाव में मजूमदार ने कांग्रेस के अमल मलिक को 4824 वोटों से हराया था। उन्हें कुल 20585 वोट मिले थे, जबकि मलिक को 15761।


2013 के विधानसभा चुनाव में अमरा बंगाली (एबी) के गौरीशंकर नंदी और सीपीआई (एमएल) के बाबुल चंद्र पॉल भी मैदान में थे उन्हें क्रमश: 352 और 324 वोट मिले थे।  अमल मलिक ने इस सीट से दो बार 1988 और 1993 में जीत दर्ज की थी। दोनों बार इन्होंने सीपीआई के उम्मीदवारों को हराया था।  साल 1983 के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार मनोरंजन मजूमदार ने सीपीआई के जितेंद्र लाल दास को हराया था। 1977 के विधानसभा चुनाव में ज्योर्तिमय दास ने कांग्रेस के मनोरंजन मजूमदार को हराया। इससे पहले 1972 के चुनाव में सीपीआई के जितेंद्र लाल दास ने कांग्रेस के सुरेश चंद्र चौधरी को हराया था। वहीं पहले विधानसभा चुनाव 1967 में कांग्रेस के यूके. रॉय ने सीपीआई के जे.एल. दास को हराया था।