इंडीजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) से गठबंधन को लेकर उहापोह के बीच भाजपा नेताओं ने आगामी दो महीने के भीतर होने वाले 28 सदस्यीय त्रिपुरा आदिवासी क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) चुनाव प्रचार अभियान की रणनीति के लिये शनिवार को यहां बैठक की।


उप मुख्यमंत्री जिशनु देव वर्मा ने भाजपा और आईपीएफटी सरकार की सफलताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने एडीसी की चुनौतियों और मुद्दों पर विस्तृत रिपोर्ट बनायी है और विकास के लिए स्थानीय योजनाओं को तैयार किया है।


भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के लगातार समर्थन के बाद भी वाम शासित एडीसी ने पिछले दो सालों से पहाड़ी क्षेत्रों में रह रहे आदिवासियों के विकास के लिये सार्थक प्रयास नहीं किये। परिषद के चुने गये सदस्यों की निष्क्रियता के कारण पहाड़ी इलाकों में मूलभूत ढ़ांचा और सेवाएं वास्तविकता में छिन्न भिन्न हो गई हैं।


गृह मंत्री ने चुनाव से पूर्व किये वादों के मुताबिक आदिवासियों के सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और भाषाई विकास के लिये एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है और उसने हितधारकों के साथ दो बार बैठक भी बुलाई है। इसके अलावा, योजना के मुताबिक राज्य सरकार ने आदिवासियों के विकास और एडीसी इलाकों की बेहतरी के लिये केंद्र सरकार से 8000 करोड़ रुपये के स्पेशल पैकेज की मांग की। आदिवासी विधायकों समेत भाजपा के सभी बड़े नेताओं और एडीसी के ग्राम स्तरीय नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया।