17वीं लोकसभा चुनने के लिए 542 सीटों पर मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 23 मई को नतीजों की घोषणा होने से पहले मीडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक 277 सीटों के साथ एनडीए की सत्ता में वापसी हो सकती है। वहीं कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए को 130 और अन्य के खाते में 135 सीटें जा रही हैं। बीजेपी की वापसी में वो राज्य अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिनमें उसकी या एनडीए की सरकार है।


इस वक्त देश में बीजेपी और एनडीए की 16 राज्यों में सरकार है और इन राज्यों में लोकसभा की कुल 252 सीटें हैं। असम: 2016 में असम बीजेपी ने बीपीएफ और एजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। राज्य में लोकसभा की 13 सीटें हैं, बीजेपी इनमें से 7 पर जीत दर्ज करने में कामयाब रही थी। तीन सीटों पर कांग्रेस और तीन सीट पर एआईयूडीएफ को जीत मिली।
त्रिपुरा: 2018 में त्रिपुरा में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी।त्रिपुरा में लोकसभा की 2 सीटें हैं। 2014 में इन दोनों सीटों पर सीपीएम को जीत मिली थी। मिजोरम: मिजोरम में बीजेपी एमएनएफ की अगुवाई वाली सरकार का हिस्सा है। राज्य में लोकसभा की एक सीट है, जिस पर 2014 में कांग्रेस को जीत मिली थी।
 
 मेघालय: बीजेपी मेघालय में एनपीपी की अगुवाई वाली सरकार का हिस्सा है। राज्य में लोकसभा की दो सीटें हैं। 2014 में एक सीट पर कांग्रेस और एक सीट पर एनपीपी को जीत मिली थी।
 
 नागालैंड: नागालैंड में बीजेपी एनडीपीपी की अगुवाई वाली सरकार का हिस्सा है। राज्य में लोकसभा की एक सीट है जिस पर 2014 में एनपीएफ को जीत मिली थी।
 
 मणिपुर: यहां बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए की सरकार है। 2014 में राज्य की दोनों लोकसभा सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी।
 
अरुणाचल प्रदेश: अरुणाचल प्रदेश में 2014 में विधानसभा चुनाव हुए थे। उस समय कांग्रेस को बहुमत मिला। लेकिन 2016 में कांग्रेस के ज्यादातर एमएलए बीजेपी में शामिल हो गए, जिससे बीजेपी राज्य में सरकार बनाने में कामयाब रही। अरुणाचल में लोकसभा की दो सीटें हैं। 2014 में बीजेपी को एक और कांग्रेस को एक सीट पर जीत मिली थी।
 
 
इसके अलावा जम्मू कश्मीर में इस वक्त राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। जम्मू-कश्मीर में लोकसभा की 6 सीटें हैं, जिन पर 2014 में बीजेपी को 3 और पीडीपी को भी तीन सीट पर जीत मिली थी। हिमाचल, यूपी, गुजरात, उत्तराखंड, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, गोवा, झारखंड भी हैं।