नागरिकता (संशोधन) विधेयक के कारण से बीजेपी से कई पार्टियों ने गठबंधन तोड़े हैं। जिसके कारण से बीजेपी पूर्वोत्तर में अकेली पड़ गई है। इस मुद्दे पर बीजेपी से अपने संबंध समाप्त करने के बाद असम गण परिषद (एजीपी) अब भगवा दल के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ेगी। बीजेपी महासचिव राम माधव, एजीपी अध्यक्ष अतुल बोरा और अन्य के साथ मध्यरात्रि के बाद तक चली बैठक में गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया।


बीजेपी के पूर्वोत्तर प्रभारी माधव ने ट्वीट किया कि बैठक के बाद बीजेपी और एजीपी ने आने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने के लिए साथ काम करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी में बीजेपी के नेता हेमंत विश्व शर्मा और एजीपी के अतुल बोरा और केशव महंत की उपस्थिति में यह घोषणा हुई।


माधव ने बताया कि गठबंधन में तीसरा सहयोगी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) है। गठबंधन के बाद बोरा ने मीडिया से कहा कि कांग्रेस को हराने के लिए पहले के सहयोगी फिर से साथ आ गए हैं। कुछ समय से हमारे और बीजेपी के संबंध ठीक नहीं रहे लेकिन अभी समस्याओं को सुलझा लिया गया है।


हालांकि एजीपी प्रमुख ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक और चुनाव के दौरान इस मुद्दे पर पार्टी के रुख को लेकर पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। एजीपी ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर कदम उठाने को लेकर असम में बीजेपी सरकार से अपना समर्थन जनवरी में वापस ले लिया था।


इस विधेयक में बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के गैर मुस्लिम लोगों को भारत में छह साल तक रहने के बाद नागरिकता देने की बात कही गई है। इसका विरोध करते हुए एजीपी ने सार्वजनिक तौर पर बीजेपी नेतृत्व की आलोचना की थी।