सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने पहली बार 12 दिसंबर, 1994 को शपथ ग्रहण की थी। 22 सितंबर, 1950 को दक्षिणी सिक्किम के यांगांग में जन्मे पवन चामलिंग ने हाईस्कूल के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। उनकी मां का नाम आशा रानी चामलिंग जबकि पिता का नाम आश बहादुर था।


उन्होंने 32 साल की उम्र में राजनीति में कदम रखा। नार बहादुर भंडारी के कार्यकाल में उन्होंने 1989 से 1992 तक उद्योग, सूचना और जन संचार मंत्री के रूप में काम किया। हालांकि सिक्किम में लगातार जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच उन्होंने 1993 में एसडीएफ का गठन किया।

बता दें कि चामलिंग ने सबसे अधिक समय तक पद पर रहने वाले मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बासु के नाम की था। 68 वर्षीय पवन चामलिंग सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के संस्थापक अध्यक्ष हैं। मुख्यमंत्री बने हुए इसी साल 25 साल हुए हैं। वे पिछले 25 सालों से लगातार मुख्यमंत्री बने हुए हैं।


सिक्किम को पूर्ण ऑर्गेनिक राज्य बनाने में अहम योगदान
साल 2016 में सिक्किम ऑर्गेनिक राज्य बना चुका है। सिक्किम को अपने 80,000 हेक्टेयर कृषि भूमि को पूरी तरह से ऑर्गेनिक फॉमलैंड बनाने में 10 साल लग गए। इस उपलब्धि को हासिल करने में सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का बहुत बड़ा योगदान रहा है।


मुख्यमंत्री पवन चामिलंग ने बेहद साधारण तरीके से सोचा था। सिक्किम एक छोटा राज्य है और उसे एक ऐसा तरीका खोजना था जिसकी मदद से इकोलॉजी में छेड़छाढ़ किए बिना अपने को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।। ईको-टूरिज्म को बचाए रखते हुए आजीविका के अवसर बनाने थे। 2003 में उन्होंने राज्य के लिए जैविक कृषि का विकल्प चुना। केवल सिक्किम ही ऐसा राज्य था जहां जैविक खेती धनी किसानों का शगल नहीं था बल्कि यह सभी लोगों के लिए एक विकल्प था। सरकार लोगों को यह समझाने में सफल रही कि हमारी जमीन बेहद प्रदूषित हो चुकी है और आने वाली पीढ़ी के लिए हमारी कुछ जिम्मेदारी बनती है कि हम इसे रोके।


सिक्किम सरकार ने किसानों को जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए फसल आधारित प्रोत्साहन देने की योजना बनाई थी। इसके अलावा सिक्किम में बड़े पैमाने पर किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए शिविर लगाए गए जिसमें उन्हें खेती के तरीकों के साथ अपने उत्पादों की मार्केटिंग के बारे में बताया गया था।