बर्ड फ्लू ने देश में पांव पसार लिए है जिसके चलते एक राज्य में राजकीय आपदा घोषित कर दिया गया है। इस फ्लू की वजह से देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू तेजी से फैल रहा है। जिसके बाद कई राज्य सरकारों ने अलर्ट जारी कर दिया है।

केरल में Bird flu (H5N1) के मामले आने के बाद शासन सतर्क हो गया है। उसने इस बीमारी को राजकीय आपदा घोषित करते हुए राज्य के लाप्पुझा और कोट्टायम जिले जिले में कंट्रोल रूम बनाए हैं। शासन ने इन दोनों जिलों में क्विक रिएक्शन टीमें तैनात की हैं। जो पक्षियों की असामान्य मौत का मामला सामने आते ही वहां पर दवाओं का छिड़काव करने का काम करेंगी।

राजस्थान में भी Bird flu (H5N1) की एंट्री हो गई है। झालावाड़ जिले में एक साथ सैकड़ों की संख्या में कौए मरे पाए गए थे। इसके साथ ही कोटा, पाली, जयपुर, बारां और जोधपुर में भी कौओं के मरने की खबरें हैं। राज्य के पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव कुंजी लाल मीणा के मुताबिक झालावाड़ में 25 दिसंबर को पहली बार कौओं के मरने की सूचना मिली थी। जिसके बाद 27 दिसंबर को उनके मरने के कारणों की जांचने के लिए सैंपल भोपाल लैब में भेजे गए थे। जांच में उनमें बर्ड फ्लू होने की पुष्टि हुई। इसके बाद अधिकारियों को सभी पोल्ट्री फार्मों, जलाशयों और प्रवासी पक्षियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

इसी के साथ ही हिमाचल प्रदेश में भी Bird flu ने दस्तक दे दी है। वहां के कांगड़ा जिले की एक झील में सैकड़ों पक्षी मरे पाए गए थे। बर्ड फ्लू का पता चलने के बाद प्रशासन ने डैम के नजदीक मांस और अंडे बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

गुजरात में भी बर्ड फ्लू (H5N1) का खतरा पसर गया है। वहां के जूनागढ़ जिले में एक साथ 53 पक्षी मृत हालत में मिले हैं। वन विभाग की टीम ने मृत पक्षियों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट बाहर नहीं आई है। लेकिन वन विभाग को आशंका है कि इन पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू की वजह से हो सकती है।

हरियाणा में भी मुर्गियों की रहस्यमय मौत शुरू हो गई है। राज्य के बरवाला इलाके में अब तक करीब एक लाख मुर्गी और चूजों की मौत हो चुकी है। मुर्गियों के मरने का सिलसिला 5 दिसंबर से शुरू हुआ था, जो अब तक जारी है। राज्य के पशुपालन विभाग ने मृत मुर्गियां के सैंपल इकट्ठे करके जांच के लिए जालंधर की लैब में भेजे हैं।

आदिवासी राज्य झारखंड में Bird flu का फिलहाल कोई मामला तो सामने नहीं आया है। लेकिन दूसरे राज्यों में बीमारी फैलते देख वहां का प्रशासन भी चौकस हो गया है। झारखंड सरकार ने अलर्ट जारी कर लोगों से अपील की है कि असामान्य तरीके से किसी भी पक्षी की मौत का मामला आने पर इसकी सूचना तुरंत पशुपालन विभाग को दी जाए।

देश में  Bird flu (H5N1) के सबसे पहले मामले मध्य प्रदेश से आए। वहां पर 23 दिसंबर से 3 जनवरी तक 376 कौओं की मौत हुई। इनमें मंदसौर में 100, आगर-मालवा में 112, खरगोन जिले में 13, सीहोर में 9 कौओं के शव मिले। सबसे ज्यादा 142 मौतें इंदौर में हुई।