बर्ड फ्लू देश में महामारी बनता जा रहा है जिसके चलते हिमाचल में एकसाथ 3000 पक्षियों की मौत हो गई है। इसी के साथ ही देशभर में 10 दिन में 4.84 लाख 775 पक्षियों की मौत हो चुकी है। हिमाचल में बर्ड फ्लू से 3000 प्रवासी पक्षियों की मौत हो चुकी है। केंद्रीय मंत्री संजीव बालयान के मुताबिक राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और केरल में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी। बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली में कंट्रोल रूम बनाया है, जो राज्यों के साथ संपर्क में रहेगा।

केंद्रीय पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि प्रवासी पक्षियों की वजह से भारत में बर्ड फ्लू फैला है। सबसे ज्यादा केस उन्हीं इलाकों में आ रहे हैं। जहां प्रवासी पक्षी आते हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए बुधवार को आपात मीटिंग बुलाई। उन्होंने जिला स्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए। बैठक में फैसला लिया गया कि दक्षिण भारत के कुछ राज्यों से कुछ दिनों के लिए पोल्ट्री का कारोबार रोक दिया जाए।

प्रदेश के 10 जिलों में 400 कौवे मर चुके हैं। इंदौर में मरे 155 कौवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। 23 दिसंबर से 3 जनवरी के बीच मंदसौर में 100ए आगर मालवा में 112 और खरगोन में 13 कौवों की मौत हो गई। प्रदेश में पहली बार 29 दिसंबर को बर्ड फ्लू का पता चला था।

मंदसौर एनिमल हसबैन्ड्री डिपार्टमेंट के अधिकारी डॉ. मनीष इंगोल का कहना है कि 4 कौवों के सैंपल में फ्लू कंफर्म हुआ है। संक्रमण वाले इलाके के 1 किमी के दायरे में मेडिकल टीम जांच करेगी।

झालावाड़ के बाद जयपुरए कोटा और बारां में भी मंगलवार को बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई। प्रदेश में बीते 24 घंटे में 246 और कौवों की मौत हुई। अब तक कुल 717 कौवों की जान जा चुकी है। कोटा की रामगंजमंडी में 212 मुर्गियां मृत मिलीं।

जांच के लिए कुल 110 सैंपल भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान ;निशादद्ध भेजे जा चुके हैं। इनमें से 40 की रिपोर्ट आई, जिनमें 25 पॉजिटिव हैं। जोधपुर के सभी 15 सैंपल निगेटिव आए हैं। राज्य में पहली बार 31 दिसंबर को बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई।

पौंग बांध झील अभयारण्य में मारे गए बार हेडेड गूज और दूसरे पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। जालंधर, पालमपुर लैब के बाद अब भोपाल से मिली रिपोर्ट में भी एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा पाया गया है।
हिमाचल में पक्षियों के मरने का पहला मामला 28 दिसंबर को सामने आया था। राज्य में अब तक 3000 प्रवासी पक्षी मारे जा चुके हैं।