बीरभूम हिंसा को लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बीच तृणमूल कांग्रेस सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को हटाने की मांग की है।

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गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद तृणमूल कांग्रेस नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि राज्यपाल संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ काम कर रहे हैं। उनकी वजह से संसदीय लोकतंत्र खतरे में आ गया हैक इसलिए हमने गृह मंत्री से राज्यपाल को हटाने की मांग की है। सुदीप बंदोपाध्याय ने बताया कि बीरभूम हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा तेजी से उठाए गए कठोर कदमों की जानकारी उन्होंने गृह मंत्री को दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राज्यपाल जगदीप धनखड़ को लिखे गए पत्र की कॉपी भी उन्होंने गृह मंत्री को दी। अमित शाह द्वारा दिए गए जवाब के बारे में बताते हुए सुदीप बंदोपाध्याय ने दावा किया कि गृह मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि वो इसे राजनीतिक एंगल से नही देख रहे हैं।

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वहीं बंगाल के बीरभूम जिले में टीएमसी के ही कार्यकर्ताओं में खूनी जंग के चलते 8 लोगों की मौत पर ममता बनर्जी ने किसी 'बाहरी साजिश' को वजह बताया है। गुरुवार को मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचीं ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस की तैनाती में इजाफा कर दिया गया है। गांव में महिलाएं भी हैं। कुछ लोग उन पर हमला करने के लिए बाहरी लोगों को लेकर आ सकते हैं। इस पूरे मामले में कोई बाहरी साजिश नजर आती है। सोमवार की रात को हुई हिंसा में 8 लोग जिंदा जला दिए गए थे। इस वीभत्स कांड को लेकर कहा जा रहा है कि टीएमसी के ही दो गुटों के बीच अवैध खनन को लेकर विवाद था और इसी के चलते यह हिंसा हुआ है।