भाजपा ने लेफ्ट को गढ़ को ढहा दिया है। यहां सीपीएम के नेतृत्व वाला लेफ्ट फ्रंट 25 साल से सत्ता पर काबिज था।  भाजपा त्रिपुरा में पहली बार यहां सरकार बनाने जा रही है। भारी जीत के बाद भाजपा में मुख्यमंत्री के नामों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं 48 साल के बिप्लब कुमार देब, जो भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हैं।

बिप्लब कुमार देब ने पहली बार पश्चिम त्रिपुरा की बनामालीपुर सीट से चुनाव लड़ा। 1999 में त्रिपुरा यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएट बिप्लब के खिलाफ कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। बिप्लब कुमार देब ने नामांकन पत्र के साथ दिए शपथ पत्र में अपनी आय मात्र 2, 99, 290 रुपए बताई है।  साफ छवि वाले बिप्लब कुमार शुरुआती दिनों में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े। वे आरएसएस के वरिष्ठ नेता के.एन गोविंदाचार्य के साथ संगठन में काम कर चुके हैं।

बिप्लब देब की पत्नी दिल्ली में संसद मार्ग पर स्थित बैंक में कार्यरत है और चुनावी हलफनामे में उनकी कुल आय 9, 01, 910 रुपए बताई गई है। बिप्लब कुमार देब मुख्यमंत्री पद की रेस में इसलिए सबसे आगे हैं क्योंकि वे लो प्रोफाइल रहकर अपना काम बखूबी अंजाम देने में माहिर माने जाते हैं। चुनाव के नतीजों के दौरान भाजपा महासचिव राम माधव के साथ वह मंच भी साझा करते दिखे हैं।

इससे यह संकेत मिलता है कि भाजपा आलाकमान भी बिप्लब को सीएम की कुर्सी पर बिठाने का लगभग मन बना चुका है। साथ ही त्रिपुरा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैलियों को कामयाब बनाने में वह चुपचाप पर्दे के पीछे से अपना काम करते रहे हैं। कम बोलने वाले और अपने काम पर ध्यान रखने वाले बिप्लब की पहचान भाजपा में स्पष्टवादी और कर्मठ नेता के तौर पर है।