त्रिपुरा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष बिप्लब देब ने शुक्रवार को राज्य के 11वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथग्रहण की। वामपंथ के इस सबसे मजबूत गढ़ में ढाई दशक पुराने माक्र्सवादी शासन का पटाक्षेप होने के बाद त्रिपुरा में भगवा युग का आरंभ हो गया। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नए मुख्यमंत्री बिल्पब देब अपनी पत्नी नीति देब और नेशनल एग्जीक्यूटिव मेंबर इंचार्ज सुनील देवधर के साथ गुरु अनुकूल चंद्र ठाकुर जी के दर्शन सत्संग विहार में दर्शन किए और  त्रिपुरा की जनता के लिए मंगलकामनाएं की।


बता दें कि शुक्रवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि त्रिपुरा में फिर से दीवाली आयी है। यहां विकास का नया बीज पड़ा है और नयी उमंग, नया उत्साह एवं नया विश्वास पैदा हुआ है। मोदी ने वामपंथ बनाम दक्षिणपंथ के बीच देश में हुए पहले चुनावी मुकाबले की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि देश में ऐसे बहुत कम चुनाव होते हैं, जिन्हें इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाता है। त्रिपुरा का चुनाव भी उन ऐतिहासिक चुनावों में सिरमौर होगा और आने वाले अनेक साल तक विद्वान लोग इस चुनाव की अलग अलग व्याख्या करके नए नए निष्कर्ष निकालेंगे। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है जब पूर्वाेत्तर के चुनावों को लेकर देशभर में नयी तरह की उत्सुकता थी। लोगों को पूर्वाेत्तर से खासा लगाव अनुभव हो रहा है और चार साल के दौरान उनकी सरकार ने भी पूर्वोत्तर भावनात्मक रूप से देश के बाकी भाग से जोडऩे को लेकर काम किया।


बता दें कि शुक्रवार दोपहर करीब सवा बारह बजे असम राइफल्स के परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरलीमनोहर जोशी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में राज्यपाल तथागत रॉय ने देब को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी। उनके साथ ही वरिष्ठ आदिवासी नेता जिष्णुदेव बर्मन (भाजपा) ने उप मुख्यमंत्री के रूप में और सात अन्य मंत्रियों ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। देब के साथ शपथ लेने वाले अन्य मंत्रियों में सर्वश्री एन सी देवबर्मा (इंडीजीनियस पीपुल्स फ्रंट), रतनलाल नाथ (भाजपा), सुदीप रॉयबर्मन (भाजपा), प्राणजीत सिंह रॉय (भाजपा), मनोज कांति देब (भाजपा) मेबेर के जमातिया (आईपीएफटी) और एकमात्र महिला एवं सबसे युवा चेहरे के रूप में शांतना चकमा शामिल हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार त्रिपुरा मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 12 सदस्य हो सकते हैं और मुख्यमंत्री समेत नौ सदस्यों ने शपथ ग्रहण की है। तीन मंत्री बाद में बनाये जाने की गुंजाइश रखी गयी है। शपथग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार भी शामिल हुए। वह आडवाणी एवं डॉ. जोशी के बीच में विराजमान थे। शपथग्रहण समारोह संपन्न होने के बाद श्री मोदी ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ तस्वीरें खिंचवायीं और नवनिर्वाचित विधायकों से उनके स्थान पर जाकर मुलाकात की। बाद में मोदी माणिक सरकार से भी गर्मजोशी से मिले।