त्रिपुरा में भाजपा अध्यक्ष बिप्लव कुमार देव राज्य के नए मुख्यमंत्री बन चुके हैं। इसके साथ ही त्रिपुरा में 70 साल बाद कमल खिल चुका है। बिप्लव देब के साथ 9 अन्य विधायकों भी मंत्री पद की शपथ ली। बिप्लब देब के बाद जिष्णु देब बर्मन ने शपथ ली, वह राज्य के उप मुख्यमंत्री बने। इसके साथ ही एनसी देबबर्मा और सुदीप रॉय बर्मन को कैबिनेट मंत्री और रतनलाल नाथ, प्राणजीति सिंह रॉय, मनोज कांति देब, मेवाड़ कुमार जमातिया और सांत्वना चकमा को राज्यमंत्री पद की शपथ दिलवाई गई। खासबात यह है कि बिप्लव सरकार के मंत्रिमंडल में जगह पाने वाले सुदीप रॉय बर्मन, रतनलाल नाथ और प्राणजीत सिंह रॉय पहले इंडियन नेशनल कांग्रेस में थे।

बता दें कि ये सुदीप रॉय बर्मन और प्राणजीत सिंह रॉय कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। ये विधायक पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के लेफ्ट को साथ देने से नाराज थे। हालांकि पिछले साल अगस्त में इन विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया। वहीं 22 दिसंबर 2017 को रतनलाल नाथ ने बीजेपी से हाथ मिल लिया। खास बात यह है कि त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में इन बागी विधायकों ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर यहां बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाई।


बता दें कि सुदीप रॉय बर्मन ने अगरतला, रतनलाल नाथ ने मोहनपुर और प्राणजीत रॉय ने राधिकाकिशोर पुर से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। अगरतला सीट की बात की जाए तो यहां से बीजेपी के उम्मीदवार सुदीप रॉय बर्मन ने सीपीएम के उम्मीदवार कृष्णा मजूमदार को 7382 वोटों से हराया। सुदीप को 25234 तो वहीं कृष्णा को 17852 वोट मिले। मोहनपुर विधानसभा सीट पर रतनलाल नाथ ने सीपीएम के उम्मीदवार सुभाषचंद्रा देबनाथ को 5176 मतों से हराया। रतनलाल नाथ को 22516 वोट मिले तो वहीं सुभाषचंद्रा को 17340 मतों पर ही संतोष करना पड़ा। वहीं राधिकाकिशोर पुर सीट से प्राणजीत रॉय से बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल की है।

बिप्लव कैबिनेट में एनसी देव भी शामिल हुए हैं। वह हालिया त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में बड़े अंतर से जीते हैं। आदिवासी संगठन आईपीएफटी के मुखिया एनसी देव ऑल इंडिया रेडियो में भी काम कर चुके हैं। बता दें, यह जीत बीजेपी के लिए इसलिए भी बड़ी है कि त्रिपुरा में जहां पिछले चुनाव में बीजेपी को एक सीट भी नहीं मिली थी। इस बार बहुमत से बीजेपी को जीत मिली है। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी का वोट शेयर दो प्रतिशत भी नहीं था।


शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, लाल कृष्ण आडवाणी कई केंद्रीय मंत्री सहित भाजपा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस समारोह में मौजूद रहे। इस शपथ ग्रहण समारोह की खासियत यह है कि इसमें पूर्व सीएम माणिक सरकार भी पहुंचे। गुरुवार को माणिक सरकार को निमंत्रण देने के लिए खुद बिप्लब और बीजेपी महासचिव राम माधव उनके घर पहुंचे थे। गौरतलब है कि भाजपा और इंडिजीनियस पीपल्स पार्टी ऑफ  त्रिपुरा (आईपीएफटी) के गंठबंधन ने बीते हफ्ते विधानसभा चुनाव के नतीजों में जीत हासिल की थी। 25 सालों से यहां पर माकपा सत्ता में बनी हुई थी। 60 सीटों के लिए हुए ताजा चुनाव में भाजपा के खाते में 35 सीटें आईं, जबकि आईपीएफटी को आठ सीटें मिली थीं।