तमिलनाडु पुलिस (Tamil Nadu Police) ने शुक्रवार को उन ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों का अभिनंदन किया, जो चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और अन्य 12 सैन्य कर्मियों को ले जा रहे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त (bipin Rawat helicopter accident) होने पर बचाव अभियान के लिए सबसे पहले मौके पर पहुंचे थे।

तमिलनाडु में कुन्नूर के पास कटेरी में सेना का हेलीकॉप्टर एमआई-17वी5 बुधवार को दुर्घटनाग्रस्त (helicopter accident) हो गया था, जिसके तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने सैन्य कर्मियों को बचाने का प्रयास भी किया था। तमिलनाडु पुलिस (Tamil Nadu Police) के डीजीपी सी. सिलेंद्र बाबू उस समय व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे, जब पुलिस की ओर से स्थानीय और एस्टेट वर्कर्स का अभिनंदन किया गया। दुर्घटना स्थल पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने नश्वर अवशेषों (पार्थिव शरीर) को बरामद करने में भी मदद की थी और घायलों को वेलिंगटन आर्मी अस्पताल ले जाने के लिए कंबल और अन्य कपड़े प्रदान किए थे।

कुन्नूर में स्थानीय एस्टेट श्रमिकों (estate workers) को कंबल, कपड़े और खाने का सामान सौंपते हुए, डीआईजी ने मीडिया से कहा, चाय बागानों में काम करने वाले स्थानीय लोगों ने दुर्घटना के बारे में सुनकर जगह पर पहुंचकर सेवा की। इन लोगों की इस सेवा को रिकॉर्ड में रखा जाना चाहिए और इसलिए हम उनका अभिनंदन कर रहे हैं। इस बीच, उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर रहे विशेष दल का नेतृत्व कर रहे एडीएसपी मुथुमनिकम के नेतृत्व में राज्य पुलिस ने चश्मदीदों के बयान दर्ज किए हैं। उन्होंने मीडिया से कहा, हमने पहले ही 25 लोगों के बयान ले लिए हैं और इन बयानों को एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व वाली सेना की विशेष टीम को सौंपेंगे।