हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जान गंवाने वाले सीडीएस बिपिन रावत (Bipin Rawat helicopter accident) सहित 13 लोगों के पार्थिव शरीर जैसे ही गुरुवार को सुलूर वायु सेना स्टेशन पहुंचे, लोगों ने ‘वंदे मातरम’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हिंद’ के नारे लगाना शुरू कर दिए। भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat), उनकी पत्नी और 11 अन्य अधिकारियों का बुधवार को हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन हो गया था।

सुलूर वायुसेना स्टेशन (Sulur Air Force Station) परिसर में दिवंगत जवानों को श्रद्धांजलि देने पहुंची आसपास के गांवों की महिलाएं भावुक नजर आईं। उन्होंने सीडीएस, उनकी पत्नी और अन्य सैन्य कर्मियों के सम्मान में ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हिंद’ के नारे लगाए। जब शव सुलूर वायुसेना स्टेशन पहुंचे तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने वंदे मातरम के नारे भी लगाए। सुलूर में रहने वाले और एक निजी फर्म में काम करने वाले केरल के पुरुषोत्तम पिल्लई ने कहा, यह वास्तव में दुखद क्षण था। जनरल बिपिन रावत  (General Bipin Rawat) एक ऐसे अधिकारी थे, जो भारतीय सेना का चेहरा थे और हमारे दुश्मन राष्ट्रों के खिलाफ मजबूत राय रखते थे। आप देख सकते हैं बड़ी संख्या में लोग दिवंगत सैनिकों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

सशस्त्र बलों के जवानों ने भी सुलूर हवाई अड्डे (Sulur Air Force Station) पर दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी। सशस्त्र बलों के अनुसार, शवों को उनके रिश्तेदारों को सौंपे जाने से पहले नई दिल्ली में डीएनए परीक्षण किया जाएगा।सभी शवों को नई दिल्ली लाया जाएगा और डीएनए परीक्षण और पहचान के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi), रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defense Minister Rajnath Singh), गृह मंत्री अमित शाह (Amit shah) और अन्य मंत्री, नौकरशाह और सशस्त्र बल के जवान गुरुवार शाम नई दिल्ली के पालम हवाई स्टेशन के तकनीकी क्षेत्र में शवों की अगवानी करेंगे। जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के पार्थिव शरीर को उनके सरकारी आवास कामराज मार्ग, नई दिल्ली में शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से दोपहर 2 बजे तक आम जनता के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। शुक्रवार शाम लोधी श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।