सीबीएसई छात्रों के लिए बड़ी खबर कि अब उन्हें बायोमेट्रिक हाजिरी देनी होगी, ऐसा नकल रोकने के लिए किया जा रहा है। फैसले से दूसरे की जगह परीक्षा देने वालों पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। परीक्षा में सभी नियमों का सही तरीके से पालन किया जा सकेए इसके लिए बोर्ड ने पहले ही तैयारी शुरू कर दी है।

जल्द ही केंद्रों पर बायोमेट्रिक सिस्टम को इंस्टॉल कर दिया जाएगा। एनआईओएस द्वारा 2018 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में इसे लागू किया गया था। अब सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड द्वारा भी बायोमेट्रिक सिस्टम शुरू किया जाएगा। बोर्ड के मुताबिक, 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा हॉल में बायोमेट्रिक अटेंडेंस ली जाएगी। परीक्षार्थियों को हॉल में बैठाने के बाद अटेंडेंस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।

अब तक स्टूडेंट्स की पहचान एडमिट कार्ड पर फोटो देखकर ही की जाती थी। लेकिन अब डिजिटल भारत में यह काम डिजिटल तरीके से किया जाएगा। इस नई बायोमेट्रिक अटेंडेंस से स्टूडेंट्स को पहचानने में काफी आसानी होगी। अगर परीक्षार्थी गलत निकला तो उसे परीक्षा केंद्र पर ही पकड़ा जा सकेगा।

माना जाता है कि हर साल डेढ़ से दो हजार तक फर्जी छात्र अकेले बिहार बोर्ड की परीक्षा में ही पकड़े जाते हैं। 4 मई से सीबीएसई की परीक्षा शुरू है। परीक्षा को लेकर जल्द ही जारी की जाएगी। कोरोन गाइडलाइन का भी पूरी तरह ख्याल रखा जाएगा। वहीं, 1 मार्च से प्रैक्टिकल परीक्षाएं शुरू हैं। प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए स्कूलों को फिर से खोला जा रहा है।