कोरोना महामारी का फायदा उठाने के लिए चीन की ओर से किए गए प्रयासों की जांच की मांग को लेकर अमेरिकी संसद में एक बिल पेश किया गया है। इसमें चीनी सरकार की करतूतों की पहचान, विश्लेषण और सामना करने की मांग की गई है। अमेरिका के 14 सांसदों ने मिलकर यह विधेयक पेश किया है।

सांसद जेरेड गोल्डेन ने अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में 'प्रीवेंटिंग चाइना फ्रॉम एक्सप्लॉइटिंग कोविड-19 एक्ट' नामक बिल पेश किया है। इसका 13 अन्य सांसदों ने समर्थन किया है। इस बिल के पारित होने पर राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (डीएनआइ) के लिए चीन मामले की जांच करना अनिवार्य हो जाएगा। बिल में इस बात की जांच कराने की मांग की गई है कि चीनी सरकार ने कोविड-19 की आड़ में अपने राष्ट्रीय हितों को किस तरह आगे बढ़ाने का प्रयास किया।

अमेरिका के लिए पैदा हुए खतरों का मूल्यांकन करने की भी मांग की गई है। गोल्डेन ने कहा, 'कोविड-19 की शुरुआत से ही इसके साक्ष्य हैं कि चीन साइबर चोरी और झूठी खबरों के जरिये अमेरिकियों के खिलाफ महामारी का उपयोग करने का काम रहा है। हमें इन खतरों को पूरी तरह समझने और इनका जवाब देने की जरूरत है।' बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार आरोप लगा चुके हैं कि चीन के चलते ही कोरोना महामारी दुनिया में फैली है। उन्होंने यह भी कहा है कि कोरोना की उत्पत्ति वुहान की एक लैब से हुई है। वह इसकी जांच कराने की भी मांग उठा चुके हैं।

इसके पहले भी भारत की सीमा पर चीन की गतिविधियों को आपत्तिजनक करार देते हुए अमेरिकी सांसद ने आरोप लगाया था कि कोविड-19 के जरिए चीन ने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी है। कोविड-19 के कारण दुनिया भर में फैली महामारी के लिए अमेरिका समेत कई देश चीन को कठघरे में खड़ा करने के मूड में है।