देश में शुक्रवार को कोरोना संक्रमण के 55,078 नए मामले सामने आए हैं। जिसके साथ ही देश में कोरोना मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 16 लाख के पार चली गई है। वहीं देश में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा भी 35 हजार के पार चला गया है, जो कि दुनिया में पांचवां सबसे बड़ा आंकड़ा है। बता दें कि जुलाई माह में ही कोरोना से 18 हजार से अधिक लोगों की जान चली गई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो संक्रमण की इस रफ्तार के अभी थमने के आसार नहीं। 

आपको बता दें कि एक व्यक्ति से कितने लोगों को कोरोना का संक्रमण फैल रहा है, उसे आरटी दर से मापा जाता है। राहत की बात ये है कि भारत में अभी यह दर 1.17 फीसदी है। राजधानी दिल्‍ली में आरटी दर सबसे कम यानि कि 0.88 फीसदी है। इसके बाद नगालैंड 0.90 फीसदी, मेघालय 0.96 फीसदी, तेलंगाना 1.01 फीसदी और लद्दाख-हरियाणा का नंबर आता है, जहां आरटी वैल्यू की दर 1.07 फीसदी है। देश में सबसे ज्यादा आरटी वैल्यू की दर त्रिपुरा में है, जहां एक कोरोना पॉजिटिव 1.52 फीसदी लोगों को संक्रमित कर रहा है।  इसके बाद अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, हिमाचल का नंबर आता है। 

रिपोर्ट के अनुसार, देश में पॉजिटिविटी रैट 11.07 फीसदी से घटकर 10.32 फीसदी हो गया है। बता दें कि पॉजिटिविटी रेट कुल टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव मिलने वाले मरीजों की दर है। देश में पॉजिटिविटी रेट सबसे कम अरुणाचल प्रदेश में है, जो कि 1.71 फीसदी है। जिन राज्यों में सबसे ज्यादा पॉजिटिविटी रेट है, उनमें महाराष्ट्र (19.28 प्रतिशत) शामिल हे महाराष्ट्र के अलावा पुडढचेरी में 17.30 फीसदी, कर्नाटक में 16.11 फीसदी और बिहार में 15.35 फीसदी पॉजिटिविटी रेट है। 

कोरोना की टेस्टिंग के मामले में जो राज्य पिछड़े हुए हैं, उनमें बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का नाम आता है। प्रति 10 लाख लोगों को आधार बनाए तो बिहार में सबसे कम 4210 टेस्ट हुए हैं। वहीं झारखंड में 7415, पश्चिम बंगाल में 8778, एमपी में 8820 और यूपी में 9289 टेस्ट हुए. हैं। जिन राज्यों में सबसे ज्यादा टेस्टिंग कराई गई है, उनमें गोवा (प्रति 10 लाख पर 81,777 टेस्टिंग) और दादर और नगर हवेली (68041) का नंबर आता है। इसके बाद लद्दाख, अंडमान निकोबार और फिर दिल्‍ली का नंबर है।