बिहार में दलित राजनीति के बड़े चेहरे रहे रामविलास पासवान (ram vilas paswan) की पार्टी उनके निधन के बाद टूट गई है। चुनाव आयोग (Election Commission) ने लोकजनशक्ति पार्टी के दोनों पक्षों को अलग-अलग पार्टी के तौर पर मंजूरी दे दी है। आयोग ने लोजपा का पुराना नाम और चुनाव चिह्न भी खत्म कर दिया। अब चिराग पासवान की लीडरशिप वाली पार्टी का नाम लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) LJP (R) होगा तथा हेलिकॉप्टर चुनाव चिह्न दिया गया है। जबकि उनके चाचा और रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस की पार्टी का नाम राष्ट्रीय लोकजनशक्ति पार्टी रखा गया है और इस दल का चुनाव चिन्ह सिलाई मशीन रखा गया है।

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इसके साथ ही दोनों गुटों के बीच पार्टी को लेकर दावे की लड़ाई अब खत्म होने वाली है। लेकिन चिराग पासवान (Chirag Paswan) की पार्टी के नाम रामविलास जुड़ गया है, जिससे उन्हें चुनावी समर में पिता की विरासत के आधार पर वोट मांगने में मदद मिल सकती है।गौरतलब है कि रामविलास पासवान के निधन के बाद से ही उनके बेटे चिराग और भाई पशुपति पारस के बीच झगड़ा हो गया था। लोजपा ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव भी एनडीए से अलग होकर लड़े थे। हालांकि पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई थी।