राज्य में इस वर्ष सितंबर से होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में करीब पौने सात लाख मतदान कर्मी चुनाव बूथ पर तैनात किए जाएंगे। एक मतदान बूथ पर कम से कम छह कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी। मतदान कर्मियों की बूथों पर तैनाती को लेकर एक बार फिर कवायद शुरू हो गई है। इसके साथ ही अन्‍य तैयारियों को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। 

चुनाव की तारीखों का एलान होने के काफी पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने पटना में कुछ बूथों पर मतदान कर्मियों को तैनात कर मतदान, मतगणना के साथ-साथ बायोमीट्रिक मशीन और वेब-कास्टिंग का परीक्षण किया था। परीक्षण के बाद अब नए सिरे से मतदान केंद्रों के हिसाब से तैनात होने वाले कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की योजना बनने लगी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार करीब 6.72 लाख मतदान कर्मियों को मतदान बूथ पर तैनात किया जाएगा। प्रत्येक बूथ पर औसतन छह मतदान कर्मी होंगे। इनके अलावा पारा मिलिट्री फोर्स और मजिस्ट्रेट भी तैनात रहेंगे।

बूथ पर एक पीठासीन पदाधिकारी, पांच मतदान पदाधिकारी (पी-1), (पी-2) (पी-3) शामिल रहेंगे। जिन कर्मचारियों की मतदान केंद्र पर तैनात किया जाना है, उन्हें पूर्व में ही जिला निर्वाचन पदाधिकारी के स्तर पर तमाम जानकारियां दी जाएंगी। बताया जाएगा कि उन्हें मतदान किस प्रकार संपन्न कराना है। दल के प्रथम मतदान पदाधिकारी यदि किसी कारणवश अनुपस्थित रहते हैं तो पीठासीन पदाधिकारी को इस कर्तव्य के लिए प्राधिकृत किया जा सकेगा। पीठासीन पदाधिकारी मतदान दल के अन्य सदस्यों से हमेशा संपर्क में रहेंगे। इवीएम प्राप्ति से लेकर मतदान समाप्त होने तक सभी तैनात अफसरों की सामूहिक जिम्मेदारी होगी। इन अधिकारियों को ही चुनाव से जुड़ दस्तावेज और ईवीएम को भी स्ट्रांग रूम में जमा करना होगा।