कोरोना के कहर के बीच चुनाव करवाना किसी भयानक विस्फोट से कम नहीं है। अभी कई राज्यों में पंचायत चुनाव होने थे लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के बीच चुनाव कराना संभव नहीं था। अब पंचायत चुनाव  2021 सिंतबर में कराए जाएंगे। इसी तरह से बिहार में अधिकतर विभागों के सामान्य कामकाज शीघ्र ही होने लगेंगे। कोरोना के कारण टल चुके पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर भी सुगबुगाहट शुरू हो गई है।


राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने बताया है कि चुनाव आयोग अगामी दो से तीन महीनों में पंचायत चुनाव करवाए जा सकते हैं। इसको लेकर चुनाव आयोग ने तैयारी भी शुरू कर दी है। बाढ़ की आशंका के बीच आपदा प्रबंधन विभाग से समन्वय स्थापित करने की कवायद करते हुए पर्याप्त संख्या में इवीएम जुटाने की की भी नये सिरे से तैयारी शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग ने दूसरे प्रदेशों से एम-2 माडल की ईवीएम मंगाने का फैसला किया है।


एम-2 मॉडल से होंगे चुनाव


राज्य निर्वाचन आयोग सितंबर में पंचायत चुनाव का कार्यक्रम जारी कर सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग एम-3 माडल ईवीएम से चुनाव करना चाहता था, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। भारत निर्वाचन आयोग ने एम-3 माडल ईवीएम इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी। ऐसे में अब अंतिम रूप से एम-2 माडल से चुनाव कराने का निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग ने लिया है। बता दें कि पंचायतों में छह पदों के लिए चुनाव होने हैं, जिसमें छह बैलेट यूनिट में डाले  मतों का डाटा छह कंट्रोल यूनिट में कलेक्ट होगा।