एक दिन के दौरे पर भागलपुर पहुंचे बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गुप्तेश्वर पांडेय सुबह मॉर्निग वाॅक का ड्रेस पहन कर अकेले पुलिस लाइन जांच में पहुंच गए। इस दौरान डीजीपी ने बिना अपना परिचय दिए हथियार लिए दो महिला सिपाहियों से पूछा कि आपलोग इसे चला सकते हैं या नहीं। सिर्फ दिखाने के लिए हथियार तो नहीं हैं?  इसपर डीजीपी को अनुराधा नाम की महिला सिपाही ने आम आदमी समझ कहा कि अभी तो हमलोग 45 राउंड गोली चला कर बांका से लौटे हैं। अभी मैं गणतंत्र दिवस परेड के अभ्यास में जा रही हूं।   

डीजीपी ने  बगैर परिचय दिए उनसे पूछा- हथियार चलता है भी या नहीं। यह सुन दोनों ने एकसाथ कहा कि सब चलता है।  यह सुनने के बाद डीजीपी ने पूछा कि यदि तुम्हारा हथियार लेकर कोई भाग जाए तो क्या करोगी। इस बात पर दोनों भड़क गईं और डीजीपी से कहा कि जरा हथियार लेकर भागकर दिखाइए, तब बताते हैं कि क्या करते हैं। इस बात पर डीजीपी ने कहा कि तुम नहीं पकड़ पाओगी।

यह सुनते ही अनुराधा ने कंधे से एसएलआर उतार डीजीपी को दिखाते हुए कहा कि  हथियार लेकर अब भाग कर दिखा ही दीजिए। हथियार लेकर भागिए तो...टन्न से इंसास से ठोक दूंगी। यह कहते ही महिला सिपाहियों ने तुरंत कंधे से इंसास निकाल कर डीजीपी पर तान दिया। दोनों महिला सिपाहियों के इस आत्मविश्वास को देख डीजीपी ने अपना परिचय दोनों को दिया तथा उनकी सराहना की। सिपाही का आत्मविश्वास देख डीजीपी को भी काफी प्रसन्नता हुई और तब उन्होंने उसे अपनी पहचान बताई। इसके बाद दोनों महिला सिपाहियों ने जय हिंद बोल कर डीजीपी को सलाम किया। डीजीपी ने बताया कि वे बिना बॉडीगार्ड के ही भागलपुर सर्किट हाउस पहुंच गए थे। इसके बाद सैंडिंस कंपाउंड गेट पर हाथ में एसएलआर लिए अनुराधा व एक अन्य महिला सिपाही जा रहीं थीं तो डीजीपी ने उनकी जांच करने के लिए ये बातें पूछीं।