देश में बच्चे सबसे अधिक मानव तस्करी के शिकार हो रहे हैं। लड़के बालश्रम और लड़कियां वेश्यावृत्ति के लिए तस्करी की जाती हैं। 21 अक्टूबर को जारी राष्ट्रीय रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार साल 2017 में देश में सबसे अधिक बच्चे पश्चिम बंगाल से गायब हुए हैं। सिर्फ पश्चिम बंगाल में 19,671 बच्चे गायब हुए हैं। दूसरे स्थान पर दिल्ली है। वहीं गायब होने वाले बच्चों के मामले में बिहार पांचवें स्थान पर है। बिहार से 8,493 बच्चे गायब हुए हैं।

इनमें बच्चियों की संख्या 4,308 है। लेकिन सबसे हैरान करने वाले आंकड़े ट्रांसजेंडर बच्चों को लेकर है। पूरे देश में 222 ट्रांसजेंडर बच्चे गायब हुए हैं। इनमें सबसे अधिक बच्चे बिहार से गायब हुए हैं। अकेले बिहार में 162 ट्रांसजेंडर बच्चे लापता हुए हैं। साल 2017 में 62 बच्चे बरामद किये जा चुके हैं। मध्यप्रदेश से 42 बच्चे गायब हुए हैं। शेष अन्य राज्यों से ट्रांसजेंडर बच्चों के गायब होने की कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।
 


मानव तस्करी पर काम करने वाले ऋषिकांत बताते हैं कि हाल के दिनों में बिहार की बच्चियों की तस्करी अश्लील और पोर्न फिल्मों के लिए बढ़ी है। बिहार के बॉर्डर इलाके से हरियाणा और पंजाब में झूठी शादी के नाम पर लड़कियों की मानव तस्करी हो रही है। एक ओर हम बाल अधिकारों के संरक्षण का 30वां साल मनाने जा रहे हैं, वैसी स्थिति में गायब होते बच्चों के साथ यौनाचार की घटनाएं बढ़ना चिंतनीय है।