बिहार में लॉकडाउन में छूट देते हुए बाजार खुलेंगे या नहीं इसका फैसला आज होगा। वैसे तो लॉकडाउन 3 मई तक है लेकिन बिहार के जिन इलाकों में कोरोना वायरस नहीं है, क्या वहां दुकानें खोलने की छूट मिल सकती है। हालांकि ये सब आज सरकार तय कर सकती है।

लोगों का कहना है कि फिलहाल सरकारें लोगों की भलाई के लिए और जान बचाने के लिए ही उन्हें घरों में रहने के लिए कह रही है। सभी लोगों को चाहिए कि वह सरकार और डॉक्टर के द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें। मार्केट आज नहीं तो कल खुल ही जाएगा, लेकिन वर्तमान में कोरोना संक्रमण से बचना बेहद जरूरी है।
खबर है कि बिहार में दुकानें खोलने पर आज हो फैसला हो सकता है। क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप और बिहार सरकार के अधिकारियों के बीच पिछले 2 दिनों से लगातार बैठकों का दौर जारी है। सचिवालय में अधिकारी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा कई अधिकारी पिछले 2 दिनों से बिहार के जिलों की स्थिति का आकलन कर कर रहे हैं। साथ ही जिलों में किस स्तर पर दुकान खोलने की इजाजत दी जाए इस पर मंथन किया जा रहा है। लेकिन 2 दिनों में सरकार द्वारा अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
कहा जा रहा है कि दो दिनों से चल रही अधिकारियों की इस बैठक में हर जिले से फीडबैक लिया जा रहा है। आपको बता दें कि बिहार के 22 जिले कोरोना के चपेट में आ चुके हैं, यानी मात्र 16 जिले ऐसे हैं जो कोरोना से फिलहाल बचे हुए हैं। लेकिन जिस तरह कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है और इसमें वो जिले शामिल हो रहे हैं उसे देख कर निश्चित तौर पर बिहार सरकार के साथ आम लोगों की चिंता भी बढ़ रही है।
अब देखना यह है कि सरकार क्या फैसला लेती है। संभव है कि आज यह निर्णय लिया जाए कि बिहार के किन क्षेत्र में कौन सी दुकान, कितनी देर खुलेगी।जानकारी यह भी मिल रही है कि बिहार सरकार बीच का रास्ता भी निकाल सकती है। क्योंकि हाल के कुछ दिनों में बिहार के लगभग हर जिलों में जिस प्रकार लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाई जा रही है, उसे देखकर बिहार सरकार बहुत ज्यादा छूट देने के मूड में नहीं है।
मिली जानकारी के मुताबिक बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री नीरज कुमार का कहना है कि बिहार में जितने भी कोरोना संक्रमित मरीज हैं, उनमें से ज्यादातर बिहार से बाहर से आए लोगों के द्वारा संक्रमित हुए हैं। इसके अलावा उन्होंने कोटा में फंसे बिहार के छात्र-छात्राओं पर कहा कि वह बिहार के बच्चे हैं उनके बेहतरी के लिए बिहार सरकार हर कदम उठा रही है।