बिहार के नवादा में प्रथम दृष्टया जहरीली शराब पीने से 15 लोगों की मौत की बात जिला प्रशासन द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद अब अधिकारियों पर कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इस मामले में चैकीदर के बाद थाना प्रभारी पर भी गाज गिरी है और निलंबित कर दिया गया है। उत्पाद विभाग के अवर निरीक्षक को भी निलंबित कर दिया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि जांच कर रहे विशेष जांच दल की रिपोर्ट के बााद नगर थाना के प्रभारी तारकेश्वर नाथ तिवारी और नवादा अंचल के उत्पाद विभाग के दारोगा नागेंद्र प्रसाद को कर्तव्यहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।

इधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि नगर थाना प्रभारी के निलंबन के बाद कई अन्य पदाधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। शनिवार को बुधोल गांव के चौकीदार विकास मिश्रा को निलंबित कर दिया गया था। सूत्रों का दावा है कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, परत दर परत पूरा मामला सामने आ रहा है। अभी तक चौकीदार और दो अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन कई गुनाहगार अभी भी शेष बताए जा रहे हैं, जिनपर गाज गिरनी तय है। स्थानीय लोगों का दावा है कि स्थानीय धंधेबाज द्वारा शराब बनाई गई थी और होली के मौके पर बांटी गई थी। कई क्षेत्रों में मुफ्त में शराब बांटी गई थी।

इधर, नवादा की पुलिस अधीक्षक सायली धूरत सावलाराम ने बताया कि अभी जांच चल रही है और आगे जो भी दोषी पाए जाएंगें और कार्रवाई होगी। उल्लेखनीय है कि होली के बाद कुछ ही दिनों में नवादा के विभिन्न क्षेत्रों में संदिग्ध परिस्थिति में 15 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। प्रारंभ में जिला प्रशासन इन मौतों को शराब के कारण मानने से इनकार करता रहा। बाद में जब पटना के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम नवादा पहुंची, तब प्रशासन ने प्रथम दृष्टया 15 लोगों की जहरीली शराब से मौत की बात को स्वीकार किया है।