बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने आज कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था की सूरत को संवारने के लिए 91 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। पांडेय ने शुक्रवार को यहां कहा कि राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की यह नई सौगात है। 

उन्होंने कहा कि 91 करोड़ रूपये इस राशि से 767 स्वास्थ्य केन्द्रों को आधुनिक मेडिकल उपकरणों से लैस किया जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बहुत जल्द गांव में रहने वाले लोगों को उनके आसपास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर वे सारी सुविधाएं मिल जाएं, जो किसी शहरी स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध है। 

उन्होंने कहा कि राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आधुनिक मेडिकल उपकरण की खरीद के लिए करीब 91 करोड़ की राशि खर्च करने के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 239 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 528 अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक मेडिकल उपकरण से लैस करने का निर्णय लिया है। 

इसके साथ इन स्वास्थ्य केंद्रों पर नये फर्नीचर भी लगाएं जाएंगे ताकि ग्रामीण स्तर पर प्राथमिक उपचार बेहतर तरीके से संभव हो सके। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राजधानी पटना समेत प्रदेश के सुदूर इलाकों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी अधिक से अधिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया जाए। इससे पूर्व स्वास्थ्य विभाग की पहल पर प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टेलीमेडिसिन की सुविधा शुरू की गई है। जिससे अब गांव में रहकर ही शहर के उत्कृष्ट चिकित्सकों से नि:शुल्क सलाह प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि बहुत शीघ्र ही ग्रामीण चिकित्सा व्यवस्था अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल साबित होगी।