बिहार चुनावों से ठीक पहले बड़ी खबर सामने आई है जिसको लेकर राजनीति गरमा सकती है। जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर एक बार फिर विवादों की जद में फंसते नजर आ रहे हैं नीतीश कुमार से मतभेदों के बाद जेडीयू से निष्कासित प्रशांत किशोर पर पटना में एफआईआर कराई गई है। पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले एक इंजिनियर ने प्रशांत किशोर पर उनके कैंपेन 'बिहार की बात' की चोरी का आरोप लगाया है। इस संबंध में पुलिस ने धारा 420 के तहत एक मुकदमा दर्ज किया है।

पटना पुलिस को दी गई एफआईआर में प्रशांत किशोर के अलावा पटना यूनिवर्सिटी के छात्रनेता ओसामा का भी नाम है। एफआईआर करने वाले इंजिनियर शाश्वत गौतम का आरोप है कि उन्होंने कुछ वक्त पहले 'बिहार की बात' नाम का प्रॉजेक्ट बनाया था, जिसे लॉन्च करने की योजना पर काम किया जा रहा था। इस बीच उनके कर्मचारी ओसामा ने नौकरी छोड़कर बिहार की बात कैंपेन का सारा कंटेंट प्रशांत किशोर को दे दिया। इसके बाद प्रशांत किशोर ने इसे अपनी वेबसाइट पर डालकर ब्रांडिंग शुरू कर दी।

मुकदमा दर्ज कराने वाले शाश्वत गौतम का कहना है कि यह सभी कंटेंट उन्होंने जनवरी महीने में अपनी वेबसाइट पर डाल दिए थे और प्रशांत किशोर ने अपनी वेबसाइट को फरवरी में लॉन्च किया। गौतम का दावा है कि बिहार की बात का पूरा कॉन्सेप्ट उनका प्लान किया हुआ था। पटना के पाटलिपुत्र थाने में दर्ज एफआईआर में आईपीसी की धारा 406. 420 के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस के अफसर शाश्वत गौतम द्वारा दिए गए सबूतों की जांच कर रहे हैं। बता दें कि शाश्वत गौतम पेशे से इंजिनियर हैं और वह काफी वक्त तक अमेरिका में रहकर काम कर चुके हैं।

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