बिहार चुनाव से ​ठीक पहले नीतीश कुमार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों में बढ़ोतरी की है। बिहार कैबिनेट की शुक्रवार शाम में हुई बैठक में करीब 64 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। इनमें आंगनबाड़ी सेविका के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। अल्पसंख्यक, मदरसा और संस्कृत शिक्षकों का वेतन 15 फीसदी बढ़ाने का फैसला लिया गया है। तालीमी मरकज,शिक्षा सेवक, रसोइया, किसान सलाहकार, विकास मित्र के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ स्वास्थ्य विभाग समेत अलग-अलग विभागों में 1429 नए पदों के सृजन की मंजूरी कैबिनेट की बैठक में मिली।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुई कैबिनेट की बैठक में स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के लिए चलने वाले वाहनों की सुरक्षा को लेकर अहम फैसला लिया गया। कोरोना संकट के मद्देनजर इन वाहनों को लेकर नियम सख्त किए गए हैं। बिहार मोटर एक्ट बिल के नियमों में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी दी गई है। इस फैसले के बाद स्कूल वाहनों में तय सीट से ज्यादा बच्चों को लेने जाने या फिर बैठाने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का पालन नहीं करने और क्षमता से ज्यादा बच्चे बैठाने पर जुर्माना और गाड़ी का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
बिहार कैबिनेट की बैठक में कई सरकारी कर्मियों के वेतन-भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। आंगनवाड़ी सेविकाओं का भत्ता 1150 से बढ़ाकर 1450 रुपये कर दिया गया है। मिनी आंगनवाड़ी सेविका के भत्ते में भी इजाफा किया गया है, अब उन्हें 900 की जगह 1130 रुपये मिलेगा। सहायिका को 575 रुपये की जगह 725 रुपये प्रति माह मिलेंगे। मिड डे मील रसोइया के मानदेय में 150 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है, 1650 रुपये प्रतिमाह मिलेगा। किसान सलाहकार के वेतन में 1 हजार रुपये प्रतिमाह का इजाफा किया गया है, उन्हें 13 हजार रुपये मिलेगा। विकास मित्र के वेतन में 1200 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है।
गैर सरकारी मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक स्कूलों में 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों के वेतन में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। संस्कृत बोर्ड शिक्षकों के भी वेतन में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। ये वेतन बढ़ोतरी एक अप्रैल, 2021 से मिलेगा। इसके अलावा सभी को एक अक्टूबर 2020 से ईपीएफ का फायदा भी दिया जाएगा। तालीमी मरकज के मानदेय में 1 हजार रुपये प्रतिमाह का इजाफा किया गया है, उन्हें 11 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेगा।