भारतीय निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए एक घंटे का समय बढ़ाया है। खास बात है कि कोरोना के कारण इस बार ऑनलाइन नामांकन भी हो सकेंगे, लेकिन उम्मीदवारों को नामांकन का प्रिंटआउट जमा करना होगा। ऑफलाइन नमांकन की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध रहेगी।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि कोरोना काल के कारण सभी तरह की सावधानियों के साथ बिहार के विधानसभा चुनाव होंगे। सुबह सात से शाम छह बजे तक मतदान होगा। इस प्रकार एक घंटे मतदान की अवधि बढ़ाई गई है। पहले शाम पांच बजे तक मतदान होता था। हालांकि, यह सुविधा नक्सल प्रभावित इलाकों में नहीं होगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि कोरोना के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन होगा। एक बूथ पर सिर्फ एक हजार मतदाता वोट डालेंगे। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सात लाख सैनिटाइजर, छह लाख फेस शील्ड और 46 लाख मास्क का इंतजाम रहेगा। सभी मतदान केंद्र ग्राउंड फ्लोर पर ही होंगे। 

चुनाव आयोग ने बताया कि राजनीतिक दल के कार्यकर्ता घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर सकेंगे, हालांकि, उनकी संख्या पांच से ज्यादा नहीं होगी। उम्मीदवार को नामांकन के दौरान दो वाहन ही ले जाने की इजाजत होगी। नामांकन पत्र ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं। चुनाव प्रचार सिर्फ वर्चुअल माध्यम से ही होगा। बड़ी- बड़ी जनसभाएं नहीं की जा सकेंगी। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा के लिए चुनाव कोरोना महामारी के साये के बीच तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवम्बर और सात नवम्बर को होंगे, जबकि मतगणना 10 नवम्बर को की जायेगी। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बहुप्रतिक्षित बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ये चुनाव बेहद असाधारण परिस्थितियों में कराये जा रहे हैं और इन परिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ स्वास्थ्य संबंधी प्रोटोकोल के संबंध में व्यापक इंतजाम किये गये हैं।