बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व को नकारने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख चिराग पासवान ने सोमवार को खुला पत्र जारी किया। इसमें लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि पापा का अंश हूं, कभी भी परिस्थितियों से हार नहीं मानूंगा और ना ही किसी भी कीमत पर ‘बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट' की सोच को मिटने दूंगा।
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर जारी किए अपने खुले पत्र में कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव न लड़ने का फैसला बिहार पर राज करने के लिए नहीं बल्कि नाज करने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा- "पापा ने मुझे हमेशा कहा है कि कभी भी अकेले चलने से मत घबराना, अगर रास्ता और मकसद ठीक होगा तो लाखों लोग तुम्हारे साथ आएंगे। पापा-मम्मी और आप सभी के आशीर्वाद से अभी लम्बा सफर तय करना है, अभी और अनुभव लेना है।"
लोजपा प्रमुख ने कहा कि बिहार राज्य के इतिहास का ये बड़ा निर्णायक क्षण है, 12 करोड़ बिहारियों के जीवन मरण का प्रश्न है क्योंकि अब हमारे पास खोने के लिए और समय नहीं है। उन्होंने अपील करते हुए अपने खुले पत्र में कहा कि जेडीयू के प्रत्याशी को दिया गया एक भी वोट कल आपके बच्चे को पलायन करने पर मजबूर करेगा। चुनाव के बाद लोजपा-बीजेपी की सरकार बनेगी।
चिराग ने खत के जरिए अपने कार्यकर्ताओं को समर्थकों से कहा, "लोक जनशक्ति पार्टी की राह आसान नहीं है लेकिन हम लड़ेंगे और जीतेंगे भी। मुझे आशा है कि मेरी ईमानदारी, मेहनत, निष्ठा व संकल्प को देख आप सभी अपना आशीर्वाद लोक जनशक्ति पार्टी के प्रत्याशियों को देंगे, ताकि बिहार को फर्स्ट बनाया जा सके। मैं पार्टी के सभी नेता व कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहें और पार्टी के सिंबल पर लड़ रहे उम्मीदवार को जिताने में पूरी ताकत झोक दें।"