बिहार विधानसभा चुनाव के पहले नीतीश सरकार ने ने खजाना खोल दिया है। बिहार में सड़क, कृषि, ऊर्जा, उद्योग समेत कई अन्य योजनाओं को गति देने के लिए 11,400 करोड़ रुपये और खर्च करने की मंजूरी दी गई है। इस फैसले से सैंकड़ों किलोमीटर सड़क, बिजली आपूर्ति की व्यवस्था होगी। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कृषि विद्युत योजना पर एक हजार तीन सौ करोड़ खर्च करने पर मुहर लगाई है, जबकि 1200 करोड़ की राशि बिजली वितरण कंपनी को देने पर मुहर लगाई है।

कैबिनेट ने कृषि आधारित उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई प्रोत्साहन नीति लाई है। बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति 2020 को मंजूरी मिली है। नई नीति में फसलों की उत्पादकता बढ़ाने से लेकर बाजार मुहैया कराएगी। गया के फल्गु नदी के बाएं तट पर विष्णुपद मंदिर के निकट नदी में सालों भर पानी के लिए 226 करोड़ की राशि की प्रशासनिक स्वीकृति और खर्च करने पर मुहर लग गई है।

उधर, चुनाव के ठीक पहले अल्पसंख्यक मान्यता प्राप्त विद्यालय के शिक्षक और अन्य कर्मियों के लिए 7वां वेतनमान लागू कर दिया गया है। यह लाभ 1 जनवरी 2006 या इसके बाद 27 मई 2011 के पूर्व नियुक्त कर्मियों को मिलेगा। वहीं, डाक्टरों के बाद अब डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को एक महीने का वेतन दिया जाएगा। करोना महामारी को लेकर MBBS और पीजी की पढ़ाई कर रहे मेडिकल छात्रों को भी 1 महीने का अतिरिक्त वेतन मिलेगा। 1 महीने के बराबर की राशि देने पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है।