बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना की तैयारी हो चुकी है। चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए बिहार के 38 जिलों में 55 काउंटिंग सेंटर बनाए हैं। गौरतलब है कि बिहार में तीन चरण (28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर) में मतदान हुआ था। अब कल यानी 10 नवंबर को होने वाली मतगणना को लेकर चुनाव आयोग ने खास कदम उठाए हैं।

पश्चिम चंपारण की 12 सीटों, गया की 10 सीटों, सीवान की 8 सीटों और बेगूसराय की 7 सीटों की काउंटिंग के लिए इन चारों जिलों में चार-चार काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। बाकी जिलं में एक या दो काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। राजधानी पटना की सभी 14 सीटों की गिनती एक ही जगह होगी। इसके लिए एएन कॉलेज को काउंटिंग सेंटर बनाया गया है।

बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एचआर श्रीनिवास ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्रों के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रणाली स्थापित की गई है। सुरक्षा के लिए हथियार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) फिर बिहार सैन्य पुलिस (बीएमपी) और फिर जिला पुलिस को तैनात किया जा रहा है। साथ ही सीसीटीवी से भी निगरानी रखी जा रही है।

आपको बता दें कि मतगणना के बाद सभी जिलों में बनाए गए स्ट्रांग रूम में ईवीएम को रखा गया है। स्ट्रांग रूम को सील करके कड़ी सुरक्षा की गई है। मुंगेर में डीजे कॉलेज में बने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा वहीं विभिन्न दलों के कार्यकर्ता स्ट्रांग रूम के बाहर सीसीटीवी की निगरानी में सुरक्षा में लगे हुए हैं।

सिर्फ मुंगेर की बात करें तो मतदान खत्म होने के बाद जब से ईवीएम मशीन स्ट्रांग रूम में आई हैं तभी से तीनों विधानसभा क्षेत्र के लगभग सभी दल या निर्दलीय प्रत्याशियों के कार्यकर्ता स्ट्रांग रूम के बाहर लगे सीसीटीवी पर बैठकर निगरानी करने में लगे हुए हैं ताकि स्ट्रांग रूम में बंद उनके ईवीएम के साथ कोई छेड़खानी न हो सके।

मुंगेर में स्ट्रांग रूम के बाहर निगरानी पर मौजूद कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे पिछले दस दिनों से स्ट्रांग रूम के सुरक्षा की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा में किसी प्रकार का कोई सेंध मारी नहीं कर सके।