बिहार की राजनीति में पोस्टर वार का अपना एक अलग ही महत्व है। राजग, जदयू या फिर कांग्रेस अक्सर एक-दूसरे पर पोस्टर के जरिए हमला बोलते रहते हैं। इस बीच हाल ही में जदयू की ओर एक से एक पोस्टर जारी हुआ है, जिसमें नारा दिया गया है कि 'हां मैं नीतीश कुमार हूं। बिहार में लगातार फैल रहे कोरोना संक्रमण के बीच विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख पार्टियों ने अपने अपने तरीके से प्रचार करना शुरू कर दिया है।

प्रदेश भाजपा प्रवक्‍ता अरविंद कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि कोरोना संकर में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भय और दहशत की सियासत कर रहे हैं। उनकी फितरत ही आग लगाने की रही है। 15 साल में आपके दल की सरकार में लालटेन ने इतना धुआं उगला कि बिहार का चमकता चेहरा काला पड़ गया।

कांग्रेस महासचिव सह बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने चुनाव आयोग से राज्य में हर हाल में परंपरागत तरीके से ही चुनाव कराए जाने की मांग की है। गोहिल ने कहा है कि आयोग कोरोना से बचाव के सभी उपाय सुनिश्चित करे। एक लाख वाले मैदान में 20 हजार की रैली करने की ही अनुमति दे। लोगों को मॉस्क, सैनिटाइजर मुहैया कराए।

 गोहिल ने चुनाव आयोग से मांग की है कि बूथों की संख्या बढ़ाई जाए। किसी भी बूथ पर 250 से अधिक वोटर नहीं होने चाहिए ताकि शारीरिक दे और लोगों की सुरक्षा हो सके। हर हाल में राज्य के प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। आयोग सुरक्षित और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित कराए। कहा कि यह फैसला भी चुनाव आयोग को ही लेना है कि मौजूदा परिस्थितियां चुनाव के लिए मुफीद है या नहीं।

राजद ०० [ख लालू प्रसाद व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सरकार पर हमला किया है। राबड़ी देवी ने आरोप लगाया है कि महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण पटना एम्स के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले यहीं नहीं एम्स में आम और नए मरीजों को जाने पर रोक लगा दी गई है। 

यह भी आरोप लगाया कि 30 लाख मजदूर परेशानी में घर आकर वापस चले भी गए, लेकिन सरकार को क्या मतलब? उधर लालू प्रसाद ने आरोप लगाया है कि भागलपुर में बिहः के बड़े अस्पताल में बिजली गुल, जेनरेटर बंद, वेंटिलेटर में लगी बेट्री भी फुस्स और फिर ऑक्सीजन नहीं मिलने से मरीज की मौत हो गई। सरकार को कोई मतलब नहीं है। भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्ठाचार्य ने कहा है कि चुनाव आयोग को कोरोना संक्रमण को देखते हुए बिहार में प्रत्येक 250 मतदाताओं पर एक बूथ बनाना चाहिए, तभी फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन होगा।